बिहार में ब्राह्मण बनाम दलित मामले ने SC-ST एक्ट पर क्यों बहस खड़ी कर दी?

Khan Sir

हाल ही में दरभंगा जिले के हरिनगर गांव में मजदूरी भुगतान को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद एक बड़े जातिगत टकराव में बदल गया है। इस मामले में पुलिस ने ब्राह्मण समुदाय के 200 से अधिक लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इसके बाद SC-ST एक्ट का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। गौरतलब है कि अनुसूचित जाति और जनजाति समुदायों के खिलाफ होने वाले भेदभाव, हिंसा और अत्याचारों को रोकने के लिए SC-ST एक्ट कानून बनाया गया है।

मीठी भाषा बोलने वाले मिथिला में जातीय उन्माद

“जातिवाद सच है। दरभंगा ब्राह्मण बाहुल्य इलाका है। रुपया का आदान-प्रदान का मामला जाति वर्चस्व का मामला बन गया। आप खुद देखिए दलितों का घर और होटल को तोड़ा गया है। मोटरसाइकिल को तोड़ा गया है।” सुरेंद्र कुमार बताते हैं। दरभंगा के हरी नगर चौक पर रामविलास पासवान के होटल को तोड़ा गया था।
“31 जनवरी को हमें रड और दंड से मारा गया है। अभी हमारे गांव के ही ब्राह्मण थे। 200 की संख्या में लगभग थे। लड़का लोग गाली भी दे रहा था। मुझे डॉक्टर ने कहा है कि स्टील लगेगा।” सदर अस्पताल में भर्ती 13 साल की कोमल कुमारी बताती हैं।

सत्यम (बदला हुआ नाम) बताते हैं, “दो व्यक्ति की लड़ाई को जाति का रंग दिया जा रहा है। जो व्यक्ति इस लड़ाई में शामिल नहीं था, उसका भी नाम दिया गया है। अभी भी काफी लोग गांव में नहीं हैं। ब्राह्मण समाज में एक भी व्यक्ति आपके गांव में अभी नहीं मिलेगा। वैसे भी अगर कोई व्यक्ति गाली देगा तो लोग मारेंगे ही।”

हरिनगर के पछवारी टोल के अनिल कुमार झा बताते हैं, “पूरा गांव भागा हुआ है। न मवेशी को चारा मिल रहा है और न ही खेत को पानी। असली अपराधी को पकड़ना चाहिए।”

ढाई लाख की बकाया मजदूरी से भड़का गांव में जातीय संघर्ष

सुनसान सड़कें.. घरों में लटके ताले.. ये तस्वीर दरभंगा के हरिनगर गांव की है। जहां मजदूरी के ₹2.5 लाख न मिलने को लेकर दलित परिवार और ब्राह्मण समुदाय के बीच विवाद शुरू हुआ, जो पंचायत में नहीं सुलझा और मारपीट में बदल गया।
इस पूरे मामले में गांव दो भागों में बंटा हुआ है।

ब्राह्मण परिवारों का कहना है कि पहले उन लोगों के साथ मारपीट हुई। पासवान परिवार का कहना है कि ब्राह्मणों ने उन्हें घर में घुसकर पीटा है। तमाम लोगों से बातचीत करने के बाद इस घटना को आप इस तरह समझ सकते हैं कि सात साल पहले हरिनगर गांव के राजमिस्त्री कैलाश पासवान केरल गए थे। वहां उन्होंने हेमकांत झा के बहनोई का घर बनाया। शुरुआत में 15 हजार रुपये मासिक मजदूरी पर काम किया, बाद में ठेकेदारी संभाली। लेकिन चार साल से ढाई लाख रुपये बकाया हैं।

30 जनवरी को हेमकांत झा की बहन-बहनोई गांव आए। रास्ते में कैलाश ने 2 लाख 47 हजार बकाया मजदूरी के लिए उनकी मोटरसाइकिल रोक ली। कहासुनी से धक्का-मुक्की हो गई, जिसका वीडियो वायरल हुआ। मामला पंचायत पहुंचा, लेकिन समाधान न निकला। आरोप है कि पंचायत से लौटते समय कैलाश ने गाली-गलौज की। उसी शाम पंच श्रीकांत झा के साथ भी मारपीट हुई। 31 जनवरी को विवाद दो जातियों और पूरे गांव के बीच फैल गया।

अशर्फी पासवान के आवेदन में बताया गया कि 2015 में कैलाश ने हेमंत झा का मकान बनाया था। ढाई लाख रुपये बकाया हैं, कई बार मांग की लेकिन भुगतान न हुआ। विवाद बढ़ा तो हेमंत झा, श्रीनाथ झा, पंकज झा, ओमप्रकाश झा, सुमित झा समेत कई लोग अशर्फी के घर पहुंचे। परिवार के सदस्यों पर हमला कर घायल किया। इस घटना के बाद दर्ज मामले से गांव में तनाव छाया है।

पुलिस ने SC/ST एक्ट समेत कई धाराओं के तहत करीब 200 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। SC-ST एक्ट के मामले में गिरफ्तारी के डर से ये लोग भागे-भागे फिर रहे हैं, जबकि 12 को अब तक हिरासत में ले लिया गया। गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस लगातार गांव में कैंप कर रही है और भागे हुए लोगों से वापस लौटने की अपील कर रही है, लेकिन अज्ञात नाम से दर्ज FIR में गिरफ्तारी का भय लोगों को सता रहा है।

दरभंगा के डीएम के निर्देश पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग ने अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की है। जल्द ही प्रशासन द्वारा घरों और दुकानों में हुई तोड़फोड़ का मुआवजा भी दिया जाएगा।

कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े हरि पासवान बताते हैं कि, “मजदूरी मांगने पर योजनाबद्ध तरीके से मुखिया, सरपंच और पंचायत समिति सदस्यों के नेतृत्व में सैकड़ों हमलावरों ने पासवान टोला पर हमला कर दिया। इस हमले में कई दर्जन लोग घायल हुए हैं। 9 गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज डीएमसीएच में चल रहा है, जबकि कई घायलों को गांव में ही इलाज कराना पड़ा। हरिनगर घटना में पीड़ित परिवार को कानूनी सुरक्षा देते हुए सूची बनाकर सभी परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।”

बिहार कांग्रेस से जुड़े आदित्य पासवान बताते हैं कि,”हरिनगर की 11 वर्षीय कोमल पासवान को पटक कर उसकी कमर तोड़ दी और उसके बाद मारने वालों के द्वारा ये झूठ भी फैलाया जा रहा कि उनकी मार की वजह से उस बच्ची की कमर नहीं टूटी। दलित मारे जा रहे और जब SC ST केस लगता है तो कहा जाता है कि एक्ट का दुरुपयोग हो रहा, मतलब मारे जाओ लेकिन चुप रहो। यही चाहते हो न जातिवादी लोग?

वहीं बिहार विधानसभा में विधायक मुरारी मोहन झा ने दरभंगा के ब्राह्मणों पर हुई एकतरफा और सामूहिक कानूनी कार्रवाई के खिलाफ सदन में आवाज़ उठाई है। भले मानुष लोगों के जिला दरभंगा की हवा में भाषाई मिठास है। कहते हैं कि मैथिली में लोग गाली भी दें तो सुनने वालों को बुरा नहीं लगता, लेकिन मिथिला का यही क्षेत्र आज जातीय उन्माद की वजह से चर्चा में है।
“जब मैं SC/ST एक्ट केस में भाग-दौड़ कर रहा था, तब मेरे पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मेरी माँ की ओपन-हार्ट सर्जरी हुई। मैं अकेला बेटा हूँ। मुझे पीटा गया, मेरी माँ और पत्नी को गालियां दी गईं, और मेरे खिलाफ दो बार झूठे SC/ST केस दर्ज किए गए।” यह कहते हुए उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के जनसंवाद के दौरान एक पीड़ित युवक रो पड़ा।

बिहार में SC-ST एक्ट के दुरुपयोग के आरोप पर डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कड़ी नाराजगी जताई है। इस दौरान उन्होंने मौके पर ही डीएम-एसपी की क्लास लगा दी। इस दौरान डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा काफी ज्यादा नाराज नजर आए।
ब्राह्मण महासभा से जुड़े बबलू मिश्रा बताते हैं कि, “SC-ST एक्ट से देश के 85 फीसदी लोग प्रभावित हैं। इसके तहत दर्ज होने वाले 95 फीसदी केस फर्जी होते हैं। अब समय आ गया है कि इस काले कानून को वापस लिया जाना चाहिए।”

बिहार की जाति आधारित गणना 2023 के अनुसार, राज्य में अनुसूचित जाति (SC) की जनसंख्या 19.65% और अनुसूचित जनजाति (ST) की जनसंख्या 1.68% है। 13 करोड़ से अधिक की कुल आबादी में इन दोनों वर्गों की संयुक्त हिस्सेदारी 21% से अधिक है। SC-ST एक्ट कानून में इन्हें जाति के आधार पर अपमान, शोषण और सामाजिक बहिष्कार जैसे अपराधों को शामिल किया गया है। इस कानून के तहत पीड़ितों को त्वरित न्याय का प्रावधान किया गया है। साथ ही, पीड़ितों को मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था की गई है। दरभंगा की घटना ने देश के सामने कई ऐसे सवाल छोड़े हैं, जिनके ऊपर भविष्य में ध्यान देना होगा.. ताकि इस तरह की घटना दोबारा न हो

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