रायपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर इलाके में एक गांव में दो समुदायों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद ने रविवार को हिंसक रूप ले लिया। झड़प के दौरान आक्रोशित भीड़ ने कई घरों और 3-4 वाहनों में आग लगा दी, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
हालात की गंभीरता को देखते हुए गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। हिंसा में कुछ की हालत गंभीर है, जिन्हें रायपुर के अंबेडकर अस्पताल रिफर किया गया।
मारपीट और हिंसा में घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। खबर है कि पुलिस पर भी हमला हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, दुधकैयां गांव में विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब एक गुट से जुड़े कुछ आपराधिक तत्वों ने दूसरे समुदाय के लोगों के साथ मारपीट की। इस हमले में कई लोगों के घायल होने की सूचना है। मारपीट की खबर जैसे ही दूसरे गुट तक पहुंची, इलाके में तनाव तेजी से बढ़ गया और लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
बताया जा रहा है कि गुस्साई भीड़ ने कथित तौर पर मारपीट में शामिल लोगों के घरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते कई घरों में आग लगा दी गई। इसके साथ ही सड़क किनारे खड़े वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया गया। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के गांवों में भी दहशत का माहौल बन गया।
हिंसा की सूचना मिलते ही राजिम, फिंगेश्वर सहित आसपास के कई थानों से पुलिस बल मौके पर रवाना किया गया। मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी पहुंचे। भीड़ को नियंत्रित करने और हालात बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति पर काबू पाया गया।
फिलहाल पूरे गांव में भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।








