Raipur Police Commissioner: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज से पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली औपचारिक रूप से लागू हो गई है। इस नई व्यवस्था के तहत आईपीएस अधिकारी डॉ. संजीव शुक्ला ने शुक्रवार को रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर के रूप में पदभार ग्रहण किया। जीई रोड स्थित नए पुलिस कमिश्नर कार्यालय में ज्वाइनिंग के दौरान शहर के सभी एसीपी, डीसीपी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पिछले साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रायपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने की घोषणा की थी। इसके बाद से तैयारी चल रही थी, जो अब पूरी हो गई है।
नई व्यवस्था के तहत रायपुर जिले को दो हिस्सों में बांटा गया है रायपुर शहरी और रायपुर ग्रामीण। रायपुर शहरी क्षेत्र की पुलिसिंग अब पुलिस कमिश्नर के अधीन होगी, जो पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) रैंक का अधिकारी होगा। 21 थाने अब कमिश्नरेट के अधीननई प्रणाली में रायपुर शहर के 21 पुलिस थाने शामिल किए गए हैं। इन थानों की कानून-व्यवस्था अब सीधे पुलिस कमिश्नर के अधीन होगी।

रायपुर शहरी पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत कुल 21 थाने शामिल किए गए हैं, जिनकी कानून-व्यवस्था अब सीधे पुलिस कमिश्नर के अधीन होगी। इनमें प्रमुख थाने हैं सिविल लाइन, देवेंद्र नगर, तेलीबांधा, कोतवाली, गंज, मौदहापारा, गोल बाजार, पुरानी बस्ती, डीडी नगर, आमा नाका, आजाद चौक, सरस्वती नगर, कबीर नगर, राजेंद्र नगर, मुजगहन, टिकरापारा, उरला (नगर निगम क्षेत्र में आने वाला भाग), खमतराई, गुढ़ियारी, पंडरी और खम्हारडीह। इन सभी थाना क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी अब पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और उनकी टीम के पास होगी, जिससे शहर में तेज और प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।
क्यों जरूरी है पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली?
छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 साल बाद रायपुर में यह व्यवस्था शुरू हुई है। रायपुर पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है। आबादी बढ़ने, शहरीकरण और ट्रैफिक की समस्या के साथ अपराधों का स्वरूप भी बदल गया है। कमिश्नरेट प्रणाली से पुलिस को ज्यादा अधिकार मिलेंगे, जैसे मजिस्ट्रेट पावर और गुंडागर्दी पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई का अधिकार। इससे अपराधियों में डर बनेगा और कानून-व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता जैसे बड़े शहरों में यह प्रणाली सफल रही है। रायपुर में भी इससे त्वरित फैसले, बेहतर समन्वय और अपराध नियंत्रण में तेजी आने की संभावना है।
रायपुर शहरी क्षेत्र के लिए अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर के रूप में कांकेर के पुलिस उप महानिरीक्षक अमित तुकाराम कांबले को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा तीन डीसीपी (सेंट्रल, पश्चिम और उत्तर) और डीसीपी (यातायात एवं प्रोटोकॉल) की भी नियुक्ति की गई है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला (2004 बैच आईपीएस) ने कहा कि यह व्यवस्था पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाएगी। उन्होंने जोर दिया कि ईमानदारी और निष्ठा से काम करने पर ही पुलिस का सम्मान बढ़ेगा। नई प्रणाली से रायपुर में अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और कानून-व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यह बदलाव शहर को और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।









