भारत में भारी बारिश का कहर, उत्तरकाशी में बादल फटा, राजस्थान में 5 की मौत, कई राज्यों में अलर्ट, जानें अपने राज्य का हाल

MAUSAM ALERT

लेंस डेस्क। देश के कई हिस्सों में मानसून ( Aaj ka Mausam ) ने कहर बरपाया है। भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने 12 राज्यों में भारी से मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जबकि राजस्थान में बारिश से संबंधित हादसों में 5 लोगों की जान चली गई। हिमाचल प्रदेश में स्कूल बंद हैं, और कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात हैं।

उत्तरकाशी में बादल फटने से हड़कंप

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के मोरी इलाके में रविवार देर रात बादल फटने की घटना ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी। इस हादसे में 8 से 9 मजदूर लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं, जिसमें राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें जुटी हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी दी है।

12 राज्यों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा और महाराष्ट्र के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है।

  • रेड अलर्ट: उत्तराखंड और झारखंड में अति भारी बारिश की चेतावनी है। इन राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। हिमाचल प्रदेश में भी रेड अलर्ट है, जहां भारी बारिश के कारण हालात बेकाबू हैं।
  • ऑरेंज अलर्ट: हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, ओडिशा और महाराष्ट्र में भारी बारिश की संभावना है। हिमाचल में 4 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
  • येलो अलर्ट: मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है।

राजस्थान में बारिश ने मचाया तांडव

राजस्थान में मानसून ने जोरदार दस्तक दी है। जयपुर, कोटा, भरतपुर, सीकर और झुंझुनूं जैसे शहरों में पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश हुई। कुछ इलाकों में 7 इंच तक पानी बरसा, जिससे सड़कों पर जलभराव और जनजीवन पर असर पड़ा।

बारिश से जुड़े हादसों में 5 लोगों की जान चली गई। चूरू में एक हवेली का छज्जा गिरने से 3 लोग मारे गए, जबकि बिजली गिरने और डूबने की घटनाओं में 2 लोगों की मौत हुई। पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर और जालोर में 25 से 29 जून के बीच मूसलाधार बारिश ने कई गांवों का संपर्क काट दिया। बारां जिले में बरनी नदी का पुल टूटने से नाहरगढ़-भंवरगढ़ मार्ग बंद हो गया।

मध्य प्रदेश में मानसून की मार

मध्य प्रदेश में मानसून पूरे जोर-शोर से सक्रिय है। राज्य के 25 जिलों में येलो अलर्ट जारी है, जबकि अलीराजपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। टीकमगढ़ में बिजली गिरने से 16 बकरियों की मौत हो गई, और शिवपुरी में एक स्कूल में पानी भर गया। कई नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

हिमाचल और उत्तराखंड में भारी नुकसान

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन ने तबाही मचाई है। अब तक 39 लोगों की जान जा चुकी है। कुल्लू, मंडी, शिमला और कinnor जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। उत्तराखंड में भूस्खलन के कारण बद्रीनाथ नेशनल हाईवे सहित कई सड़कें अवरुद्ध हैं।

अन्य राज्यों का हाल

  • ओडिशा : राज्य के 50 गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं, और 50,000 से अधिक लोग प्रभावित हैं।
  • दिल्ली-एनसीआर : मध्यम बारिश से मौसम सुहाना हुआ है, लेकिन जलभराव की समस्या बनी हुई है।
  • झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ : भारी बारिश की चेतावनी के साथ बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
  • पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश : मध्यम से भारी बारिश से सड़कों पर जलभराव और यातायात में रुकावट।

प्रशासन और मौसम विभाग की अपील

मौसम विभाग ने लोगों से निचले इलाकों से दूर रहने और भूस्खलन व बाढ़ के खतरे को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन ने भी नागरिकों से मौसम अपडेट्स पर नजर रखने और निर्देशों का पालन करने को कहा है।

देश के कई हिस्सों में मानसून की भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है। मौसम का पता लगाने के बाद ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है|

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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