उत्तर प्रदेश की न्याय व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देश पर राज्य भर में 582 न्यायाधीशों तबादला किया गया है। इसकी आधिकारिक सूचना रजिस्ट्रार जनरल राजीव भारती ने जारी की।
जिन न्यायाधीशों को स्थानांतरित किया गया, उनमें 236 अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश, 207 वरिष्ठ श्रेणी के सिविल जज और 139 कनिष्ठ श्रेणी के सिविल जज शामिल हैं।ज्ञानवापी मामले की सुनवाई करने वाले न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर को बरेली से चित्रकूट भेजा गया है।
रवि कुमार दिवाकर ने वाराणसी के ज्ञानवापी विवाद पर सुनवाई की थी और उस दौरान वे खासे चर्चित हुए थे। अब उन्हें बरेली से चित्रकूट स्थानांतरित कर दिया गया है। ज्ञानवापी मामले में उनके एक निर्णय ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया था। उस मुद्दे पर अभी भी कानूनी और सामाजिक चर्चाएं जारी हैं, जिसके चलते उनके इस तबादले ने लोगों का ध्यान खींचा है।
रजिस्ट्रार जनरल का कहना है कि ये स्थानांतरण न्यायिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए किए गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अदालतों का कामकाज पहले से बेहतर तरीके से हो सके।








