व्यावसायिक प्रशिक्षकों से 3 महीनों से बिना वेतन लिया काम, समग्र शिक्षा किसके भरोसे?

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में काम करने वाले व्यावसायिक प्रशिक्षकों (Vocational Trainers) को कई महीनों से वेतन नहीं मिल पा रहा है। छत्तीसगढ़ नवीन व्यावसायिक प्रशिक्षक कल्याण संघ (CGVTWA) ने इस समस्या को लेकर राज्य सरकार और राज्य माध्यमिक शिक्षा मिशन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश कुमार साहू और सचिव अभिषेक ताम्रकार ने बताया कि ये प्रशिक्षक सेवा प्रदाता कंपनियों के जरिए स्कूलों में नियमित रूप से पढ़ाई और प्रशिक्षण का काम कर रहे हैं, लेकिन समझौता ज्ञापन (MOU) लंबित होने के कारण उन्हें जॉइनिंग की तारीख से बकाया वेतन नहीं दिया जा रहा।

इस देरी से प्रशिक्षकों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। परिवार चलाने में मुश्किलें आ रही हैं और मानसिक तनाव बढ़ रहा है। संघ का कहना है कि यह स्थिति श्रम कानूनों का उल्लंघन है और इससे राज्य की शिक्षा तथा कौशल विकास योजनाओं पर भी बुरा असर पड़ रहा है।संघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि MOU की प्रक्रिया जल्द पूरी हो, बकाया वेतन जॉइनिंग तिथि से भुगतान किया जाए और भविष्य में ऐसी अनियमितता न हो, इसके लिए साफ दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संघ को उच्च स्तर पर शिकायत करने और कानूनी रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। संघ ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस गंभीर मुद्दे को प्राथमिकता देकर शीघ्र समाधान निकालेगी।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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