LNG इंडस्ट्री पर हमलों से 5 साल तक भारत की गैस सप्लाई पर होगा असर, 17% क्षमता तबाह, 20 अरब डॉलर का सालाना घाटा

March 20, 2026 5:26 PM

US-Israel-Iran War: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच कतर एनर्जी के सीईओ और ऊर्जा मामलों के राज्य मंत्री साद अल-काबी ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान के हालिया हमलों ने कतर की LNG निर्यात क्षमता का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा नष्ट कर दिया है। इस वजह से कतर को हर साल करीब 20 अरब डॉलर का राजस्व नुकसान हो रहा है। अल-काबी ने रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में बताया कि मरम्मत कार्यों के कारण अगले 3 से 5 साल तक हर साल 12.8 मिलियन टन LNG का उत्पादन रुक सकता है। इससे चीन, भारत, यूरोप और एशिया के कई देशों की गैस आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।

हमलों में कितना नुकसान हुआ?

कतर के रास लाफान – दुनिया के सबसे बड़े LNG संयंत्रों में से एक है जिस पर ईरानी मिसाइल हमलों के बाद स्थिति और बिगड़ गई। रिपोर्ट्स के अनुसार कतर की कुल 14 LNG ट्रेनों में से कम से कम 2 ट्रेनें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। 2 गैस-टू-लिक्विड (GTL) सुविधाओं में से एक भी प्रभावित हुई।

इन हमलों के बाद कतर एनर्जी को अपने पूरे LNG उत्पादन पर फोर्स मेज्योर घोषित करनी पड़ी। इसका मतलब है कि कंपनी कुछ अनुबंधों को पूरा नहीं कर पाएगी और ग्राहक देशों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी।

अल-काबी ने क्या कहा ?

रॉयटर्स से बातचीत में साद अल-काबी ने गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा ‘मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि कतर और पूरा क्षेत्र ऐसे हमले का शिकार होगा, वो भी रमजान के पवित्र महीने में। किसी मित्र मुस्लिम देश द्वारा ऐसा हमला होना बहुत दुखद है।’

उन्होंने आगे बताया कि उत्पादन फिर से शुरू करने के लिए सबसे पहले शत्रुता खत्म होनी चाहिए। अल-काबी ने कहा कि इन हमलों ने पूरे क्षेत्र को 10 से 20 साल पीछे धकेल दिया है। पहले यह इलाका निवेश और ऊर्जा के लिए सुरक्षित माना जाता था लेकिन अब उस छवि को गहरा झटका लगा है।

अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की हिस्सेदारी भी प्रभावित

क्षतिग्रस्त सुविधाओं में विदेशी कंपनियों की बड़ी हिस्सेदारी है अमेरिकी कंपनी एक्सॉनमोबिल की ट्रेन S4 में 34% और ट्रेन S6 में 30% हिस्सेदारी है। ट्रेन S4 से इटली की एडिसन और बेल्जियम की EDF को सप्लाई प्रभावित हुई। ट्रेन S6 से दक्षिण कोरिया की कोगास, EDF और चीन की शेल को गैस जाती है।
क्षतिग्रस्त GTL संयंत्र में शेल की हिस्सेदारी है जिसकी मरम्मत में कम से कम 1 साल लग सकता है।

वैश्विक प्रभाव की आशंका

कतर दुनिया का सबसे बड़ा LNG निर्यातक देशों में से एक है। इन हमलों से यूरोप, एशिया और अन्य क्षेत्रों में गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा उथल-पुथल मच सकता है। कतर सरकार और कतर एनर्जी ने कहा है कि वे मरम्मत कार्य तेजी से शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन इसके लिए क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहुत जरूरी है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now