रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र के आठवें दिन बुधवार को अचानक सियासी माहौल गरमा गया। रिकेश सेन को मिली जान से मारने की धमकी का मुद्दा शून्यकाल में उठते ही सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि उन्होंने एक दिन पहले ही इस मामले पर गृहमंत्री का ध्यान आकर्षित कराया था, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। उन्होंने कहा कि इतना गंभीर मामला होने के बावजूद सरकार की चुप्पी चिंता का विषय है।
इस दौरान कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने आसंदी से इस मुद्दे पर व्यवस्था देने की मांग की और सरकार से सदन में स्पष्ट जवाब देने की बात कही। विपक्षी विधायकों का कहना था कि एक विधायक को मिली धमकी का मामला बेहद गंभीर है और सरकार को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
हालांकि आसंदी ने यह कहते हुए व्यवस्था देने से इंकार कर दिया कि मामला सरकार के संज्ञान में है और अलग से बयान देने की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद नाराज विपक्षी विधायकों ने विरोध जताते हुए सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।
इधर भाजपा विधायक रिकेश सेन ने कहा कि बिना पूरी जानकारी के बहिष्कार करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर है और इस संबंध में पूरी जानकारी सरकार व संसदीय कार्यमंत्री को दे दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को लेकर अनावश्यक राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
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