रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा (CG Vidhan Sabha) में मंगलवार को रायपुर के पुलिस कमिश्नरी सिस्टम का मुद्दा उठा। 23 जनवरी से शुरू हुए इस नए पुलिस सिस्टम को लेकर रायपुर के एक विधायक ने बड़ा दावा कर दिया और कहा कि 50 सालों में उन्होंने पहली बार ऐसी होली मनते देखी है, जिसमें कोई बड़ा अपराध नहीं हुआ।
उन्होंने सिस्टम की तारीफ भी की लेकिन जीरो बजट और पर्याप्त पुलिस बल के बगैर शुरू हुए इस सिस्टम को लेकर सरकार को घेरा।
भाजपा विधायक सुनील सोनी ने इस व्यवस्था के कामकाज और संसाधनों को लेकर सरकार से सवाल किए।
विधायक सुनील सोनी ने कहा कि उन्होंने पिछले 50 सालों में पहली बार ऐसा देखा है कि होली के दिन रायपुर में कोई बड़ा अपराध दर्ज नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नरी सिस्टम बेहतर व्यवस्था है और इसके लागू होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार देखने को मिला है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कमिश्नरी सिस्टम को लगभग जीरो बजट में शुरू कर दिया गया, जिसके कारण कई तरह की दिक्कतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस के पास पर्याप्त बल नहीं है और आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर की भी कमी है। इसके बावजूद रायपुर पुलिस बेहतर तरीके से काम कर रही है।
सोनी ने कमिश्नरी क्षेत्र की सीमा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा, मंत्रालय और एयरपोर्ट जैसे वीवीआईपी मूवमेंट वाले इलाके भी कमिश्नरी क्षेत्र में शामिल नहीं हैं, जो व्यवस्था के लिहाज से उचित नहीं है।
इस पर जवाब देते हुए गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि रायपुर पुलिस कमिश्नरी सिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि कमिश्नरी के लिए बजट बढ़ाया जा रहा है, साथ ही आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी बजट प्रस्ताव बढ़ाया गया है। इसके अलावा पुलिस बल की स्वीकृति भी दी जा रही है, ताकि व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।
गृह मंत्री ने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में रायपुर पुलिस कमिश्नरी सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा।










