नई दिल्ली। मणिपुर (Manipur) के उखरुल जिले में सोमवार को संदिग्ध आतंकवादियों के घातक हमले में दो असम राइफल्स जवान शहीद हो गए और कई अन्य घायल हो गए, पुलिस ने यह जानकारी दी।यह घटना दोपहर करीब 1:30 बजे पहाड़ी जिले के नुंगशांग खोंग इलाके में हुई, जब संदिग्ध आतंकवादियों ने अर्धसैनिक बल के काफिले पर गोलीबारी की।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया “दोनों शहीदों में एक वॉरंट अधिकारी और एक ड्राइवर शामिल हैं। वे मौके पर ही शहीद हो गए। यह घटना नुंगशांग खोंग क्षेत्र में हुई, जो जिला मुख्यालय से करीब 17 किलोमीटर दूर उखरुल पुलिस स्टेशन क्षेत्र में है। काफिला 40वें असम राइफल्स बटालियन मुख्यालय सांगशाक लौट रहा था।”
हमले के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है और आसपास के इलाके में केंद्रीय बलों तथा सशस्त्र आतंकवादियों के बीच गोलीबारी हुई। घटना स्थल को घेर लिया गया है और इम्फाल से फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए भेजा गया है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि गोलीबारी के समय आसपास के धान के खेतों में काम कर रहे कई किसानों को सुरक्षा बलों ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने दो असम राइफल्स जवानों की हत्या की घटना की कड़ी निंदा की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी क्रूर हिंसा बर्दाश्त नहीं करेगी और इन अत्याचारों पर चुप्पी साधकर नहीं बैठेगी।”हत्या के जिम्मेदार अपराधियों को गिरफ्तार कर कानून के अनुसार सजा दी जाएगी,” ।
राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने भी सुरक्षा बलों पर हमले की निंदा की और कहा कि यह घटना उपद्रवग्रस्त मणिपुर में शांति और सद्भाव को बिगाड़ती है।एक्स पर एक पोस्ट में मंत्री ने कहा, “उखरुल के नुंगशांग खोंग में 40 असम राइफल्स के काफिले पर दुर्भाग्यपूर्ण घातक हमले से मैं बेहद दुखी हूं।”उन्होंने विश्वास जताया कि सुरक्षा बल हमले के जिम्मेदारों को कानून के अनुसार सख्ती से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।
मणिपुर में तीन साल पहले शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद से सुरक्षा बल फ्रिंज और संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान और क्षेत्र नियंत्रण चला रहे हैं। मई 2023 से मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय संघर्ष में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों बेघर हो गए हैं।









