रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojana) के तहत इलाज कराने वाले मरीजों को आज बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। राज्य के निजी अस्पतालों ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इलाज बंद रखने का फैसला लिया है। इस फैसले के तहत आज इलाज बंद है।
निजी अस्पतालों के संगठन एसोसिएशन ऑफ हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स ऑफ इंडिया (AHPI) से जुड़े निजी अस्पतालों ने यह फैसला लिया था। इस फैसले को लेकर अस्पतालों की ओर से लिखित सूचना और पोस्टर भी जारी किया गया था, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि निर्णय प्रतीकात्मक नहीं बल्कि संगठित और अंतिम चेतावनी के रूप में लिया गया है।
इसके अलावा अस्पतालों में काम करने वाला सभी स्टाफ आज काली पट्टी लगाकर काम कर रहा है।
जुलाई 2025 से किसी प्रकार का भुगतान नहीं हुआ। साथ ही जनवरी से मार्च 2025 के 90% से अधिक अस्पतालों का भुगतान बकाया है जिस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर इंडिया की पिछले रविवार हुई मीटिंग में आयुष्मान योजना में अनियमित भुगतान और पारदर्शीता को लेकर आज छत्तीसगढ़ के सभी अस्पताल संचालकों और अस्पताल के पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा काली पट्टी लगाकर खस्ता हाल आयुष्मान योजना के प्रति असंतोष व्यक्त करने का निर्णय किया गया है।
इस दिन अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों को अगले दिन आने का निवेदन किया जाएगा और विरोध स्वरूप काम बंद रखा जाएगा।
एसोसिएशन के छत्तीसगढ़ अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि जिस तरह छत्तीसगढ़ सरकार प्रति माह जरूरतमंद बहनों को महतारी वंदन योजना का भुगतान तय तिथि में करती है।
इसी प्रकार की भुगतान प्रणाली प्रति माह निजी अस्पताल संचालकों को नियमित रूप से भुगतान करने के लिए बनाए जाने की जरूरत है । पारदर्शी भुगतान प्रणाली ना होने के कारण योजना में नियमित अंतराल में रुकावट आ रही है।
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