फ्रांस में ढहा दक्षिणपंथ का दुर्ग, राष्ट्रपति पद की प्रबल दावेदार मरीन ले पेन पर भ्रष्टाचार साबित

April 1, 2025 10:26 PM
  • मोदी और पुतिन की प्रबल प्रशंसक की शर्मनाक विदाई, ट्रंप ने कहा मेरे जैसा हाल
  • पैरों में ट्रैकिंग कॉलर पहनकर दो साल घर में रहने की मिली है सजा
  • रूस और अमेरिका ने बताया गलत , यूरोप अवाक

लेंस ब्यूरो

नई दिल्ली। फ्रांस की धुर-दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल रैली में संसदीय दल की प्रमुख और राष्ट्रपति पर की प्रबल दावेदार नेता मरीन ले पेन के चुनाव लड़ने पर एक स्थानीय अदालत ने प्रतिबंध लगा दिया है। फ़्रांसीसी संसद की मुख्य नेता ले पेन पर लगी पाबंदी का असर फ़्रांस ,यूरोप  और एशिया की की दक्षिणपंथी राजनीति पर देखने को मिल सकता है। वह फ्रांस में तीन बार राष्ट्रपति पद की रेस में रह चुकी हैं इस बार उनकी जीत सुनिश्चित मानी जा रही थी।

साबित हुआ यूरोपियन यूनियन के धन का दुरुपयोग

दक्षिणपंथी लेखक कपिल कोमिरेड्डी ने पिछले दिनों कब मरीन ले पेन से एक इंटरव्यू में पूछा कि उनका पसंदीदा नेता कौन है? तो उन्होंने बिना देरी किए दो नाम लिए नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन। वह मैक्रों के बाद राष्ट्रपति पद की तय उम्मीदवार मानी जा रही थीं लेकिन तभी अदालत में उनके ख़िलाफ़ यूरोपियन यूनियन के धन में वित्तीय अनियमितता का मामला साबित हो गया।

चुनाव लड़ने पर पांच साल का बैन

 अदालत ने उन्हें यूरोपीय संघ से मिलने वाले फंड के दुरुपयोग का दोषी पाया है। उनके किसी भी सरकारी पद के लिए चुनाव लड़ने पर पांच साल का तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा ले पेन को 4 साल की कैद की सजा सुनाई गई है।इनमें दो साल उन्हें अपने घर में एक ट्रैकिंग डिवाइस पहनकर बिताने होंगे।दोबारा इसी तरह के आरोपों में दोषी होने या कोई गैर-कानूनी कदम उठाने पर बची हुई 2 साल की लंबित सजा लागू हो जाएगी।

एक लाख यूरो का जुर्माना भी

ले पेन को एक लाख यूरो का जुर्माना भी भरना होगा।अदालत के इस फैसले से उनके 2027 में राष्ट्रपति बनने की संभावनाएं लगभग खत्म हो गई हैं। 

फिलहाल नहीं कर सकती अपील

यूरोप में तेजी से जड़े जमा रही धुर-दक्षिणपंथी राजनीति को हाल-फिलहाल में लगा यह सबसे बड़ा झटका है। ले पेन के इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकती हैं लेकिन उस याचिका पर सुनवाई 2026 से पहले शुरू होने जाने की संभावनाएं कम हैं।

30 लाख यूरो की हुई थी गड़बड़ी

अदालत ने ले पेन और उनकी नैशनल रैली पार्टी (आरएन) के नेताओं को यूरोपीय संसद में संसदीय सहायकों के लिए निर्धारित फंड में से 30 लाख यूरो के दुरुपयोग का दोषी पाया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने विवादित धनराशि का इस्तेमाल 2004 से 2016 के बीच फ्रांस स्थित पार्टी के स्टाफ को भुगतान करने के लिए किया गया, जो यूरोपीय यूनियन के नियमों का उल्लंघन था। अदालत ने ले पेन के अलावा यूरोपीय संसद के सदस्य रहे उनकी पार्टी के आठ अन्य नेताओं को भी दोषी ठहराया गया है। साथ ही, 12 संसदीय सहायकों को भी अदालत ने दोषी पाया।

क्या कहती हैं ले पेन

ले पेन कहती हैं, “मैं अपील करूंगी क्योंकि मैं निर्दोष हूं,” उन्होंने कहा. “मैं खुद को इस तरह खत्म नहीं होने दूंगी। मैं जो भी कानूनी रास्ते अपना सकती हूं, अपनाऊंगी।एक छोटा रास्ता है, यह निश्चित रूप से संकरा है, लेकिन यह (रास्ता) मौजूद है।”

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