नई दिल्ली। वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि कुछ मुद्दों पर उनका रुख मीडिया द्वारा बीजेपी समर्थक के रूप में देखा गया हो सकता है, लेकिन वो इसे केवल भारत समर्थक के रूप में देखते हैं।
तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने पार्टी में दरार की अटकलों पर विराम लगाते हुए राहुल गांधी की खुलकर तारीफ की है। राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात के बाद थरूर ने साफ कहा कि वह कांग्रेस नहीं छोड़ रहे हैं और राहुल गांधी तथा खरगे दोनों उनके ‘नेता’ हैं।
थरूर ने कहा कि उन्होंने पहले भी स्पष्ट किया है कि कुछ अंतरराष्ट्रीय मामलों पर वे राजनीति की बात करना पसंद नहीं करते और इसके बजाय देश के बारे में बोलना पसंद करते हैं। यह कोई नई बात नहीं है, मैंने हमेशा ऐसा ही कहा है।
कांग्रेस सांसद तिरुवनंतपुरम में संवाददाताओं से बात कर रहे थे।
पिछले साल पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान संघर्ष और कूटनीतिक पहल पर उनकी टिप्पणियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। उनकी टिप्पणियां कांग्रेस के रुख से अलग थीं और कई पार्टी नेताओं ने उन पर निशाना साधा, उनकी मंशा पर सवाल उठाए।
पत्रकारों से बातचीत में थरूर ने यह भी स्वीकार किया कि पार्टी सदस्य को पार्टी लाइन के खिलाफ नहीं जाना चाहिए। मैंने संसद में हमेशा पार्टी के साथ खड़े रहकर काम किया है, इसलिए चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
पत्रकाराें के पूछे जाने पर कि क्या वे स्पष्ट रूप से कह सकते हैं कि वे कांग्रेस पार्टी नहीं छोड़ेंगे। थरूर ने कहा, ‘मैं कह सकता हूं कि मैं कांग्रेस में ही रहूंगा और कहीं नहीं जा रहा हूं। मैं केरल में चुनाव अभियान का हिस्सा रहूंगा और यूडीएफ की जीत के लिए काम करूंगा।’
शशि थरूर ने गुरुवार को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मुलाकात की थी, जिसमें अपनी शिकायतों का निवारण किया, जिसके बाद उन्होंने कहा था कि सब ठीक है और हम सब एक ही पेज पर हैं।
शशि को हाल ही में कोच्चि के एक कार्यक्रम में हुए व्यवहार और केरल में कुछ नेताओं द्वारा उन्हें किनारे करने की कोशिशों से नाराजगी थी।
यह मुलाकात केरल विधानसभा चुनाव से पहले हो रही है, जो कांग्रेस के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि वह 10 साल बाद विपक्ष में रहने के बाद वामपंथियों से सत्ता छीनना चाहती है और केरल में जीत हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।
राहुल गांधी को बताया ईमानदार और सांप्रदायिकता के खिलाफ मजबूत आवाज
शशि थरूर ने राहुल गांधी को ईमानदार, गंभीर और देश में साम्प्रदायिकता के खिलाफ मजबूत आवाज़ बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने लगातार लोकतंत्र, सामाजिक सद्भाव और संवैधानिक मूल्यों के पक्ष में स्पष्ट और निर्भीक रुख अपनाया है, जो आज के राजनीतिक माहौल में बेहद जरूरी है।
थरूर ने कहा कि राहुल गांधी की राजनीति में sincerity और प्रतिबद्धता साफ दिखाई देती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राहुल गांधी सिर्फ विपक्ष के नेता नहीं, बल्कि उन मुद्दों पर आवाज़ उठाने वाले नेता हैं, जिन्हें आज सत्ता पक्ष जानबूझकर नजरअंदाज कर रहा है।
पार्टी नेतृत्व से मुलाकात को लेकर शशि थरूर ने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खारगे के साथ उनकी बातचीत ‘सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक’ रही।
उन्होंने कहा, ‘मेरे दो नेता हैं। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खारगे। कांग्रेस मेरा राजनीतिक घर है।’
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