राम मंदिर चंदा चोरी मामला, चंपत राय दिल्ली भागे, वकीलों ने ठुकरा दी आरोपियों की पैरवी, सुप्रीम कोर्ट ने कहा ‘इतनी जल्दी क्यों है?’

Ram Mandir donation theft case: राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी के मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस और विशेष जांच टीम (SIT) दोनों ही प्रकरण की छानबीन कर रहे हैं। मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा और कोषाध्यक्ष गोपाल राव से पूछताछ की गई है। उनके बयान दर्ज किए गए हैं। पूछताछ के बाद चंपत राय दिल्ली चले गए हैं।

सोमवार सुबह पुलिस की टीम SBI अयोध्या धाम शाखा पहुंची, जहां मंदिर ट्रस्ट का मुख्य खाता संचालित होता है। पुलिस ने 7 आरोपियों के बैंक खातों के स्टेटमेंट लिए और बैंक कर्मचारियों से भी जरूरी दस्तावेज जुटाए। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि चढ़ावा जमा करने की पूरी प्रक्रिया में कहां गड़बड़ी हुई।

गिरफ्तारियां और छापा

अभी तक इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है जिनमें ज्यादातर आउटसोर्सिंग कर्मचारी शामिल हैं। ये कर्मचारी चढ़ावे की गिनती और बैंक में जमा करने की जिम्मेदारी संभालते थे। रविवार 28 जून को पुलिस ने एक साथ 10 जगहों पर रेड की। इस दौरान नगदी, गहने, जमीन की रजिस्ट्री, बैंक पासबुक और अन्य दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस आरोपियों और उनके परिजनों की संपत्तियों की भी जांच कर रही है।

वकीलों का फैसला

अयोध्या बार एसोसिएशन ने एक बड़ा फैसला लिया है। बार के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने कहा कि चढ़ावा चोरी मामले के किसी भी आरोपी का केस कोई वकील नहीं लड़ेगा। साथ ही चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को अयोध्या छोड़ने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका

इधर मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। वकील अनूप अवस्थी ने CBI जांच की मांग की है। कोर्ट ने फिलहाल तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया और कहा कि छुट्टियों के बाद मामले की सुनवाई होगी। सपा नेता अखिलेश यादव ने मामले पर निशाना साधते हुए कहा कि इसमें ईमानदारी और साफ नियत की जरूरत है। उन्होंने मंदिर प्रबंधन पर तीखा हमला बोला।

यह पूरा मामला 7 जून को सामने आया था। यूपी सरकार ने 13 जून को SIT गठित की। SIT की रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को FIR दर्ज हुई। FIR में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 लोगों को नामजद किया गया।

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट की अगली बैठक 11 जुलाई को इन इस्तीफों पर फैसला लेगी। पुलिस का कहना है कि कुल 140 लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इन बयानों और वित्तीय दस्तावेजों के आधार पर आगे की जांच होगी और सभी आरोपियों की भूमिका साफ हो पाएगी। जांच अभी जारी है। पुलिस और SIT चढ़ावा संग्रह से लेकर बैंक जमा करने तक की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है। द लेंस इस मामले पर नजर बनाये हुए है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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