नई दिल्ली। दिल्ली (Delhi) के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों, युवा कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और अन्य लोगों को हिरासत में लिए जाने के बीच दिल्ली पुलिस के कुछ अधिकारियों पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करने के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रदर्शन आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गया है। समाचार दिए जाने तक प्रदर्शन जारी है।
आज आम आदमी पार्टी की छात्र शाखा के अलावा आइसा और अन्य संगठनों के आह्वान पर प्रदर्शनकारी इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक नागरिक मार्च निकालने के लिए जुटे थे। मार्च शुरू होने पर उन्हें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (के जवानों और पुलिस की बैरिकेडिंग के जरिए रोका गया। छात्र नेता नेहा बोरा को पुलिस ने हिरासत में लिया और नरेला जाकर छोड़ा। इस दौरान छात्राएं पुलिस की कार पर भी चढ़ गई
थीं।
इस बीच, रविवार को मुंबई में शिवसेना उद्धव गुट और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना संयुक्त रूप से ‘गर्जना रैली’ निकाली। शुक्रवार को भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हजारों लोग दिल्ली के जंतर-मंतर और मुंबई के शिवाजी पार्क में जुटे थे मुंबई में हुए प्रदर्शन का नेतृत्व ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) ने किया था।सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हजारों लोग दिल्ली के जंतर-मंतर और मुंबई के शिवाजी पार्क में जुटे थे।
मुंबई में हुए प्रदर्शन का नेतृत्व ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी किया था।सीजेपी्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था।शुक्रवार को भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हजारों लोग दिल्ली के जंतर-मंतर और मुंबई के शिवाजी पार्क में जुटे थे मुंबई में हुए प्रदर्शन का नेतृत्व ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) ने किया था।सीजेपी ने 10 अक्टूबर को देशभर में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।इस बीच महिला पत्रकारों से बदसलूकी का मामला दिल्ली पुलिस ने क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है।









