रायपुर। छत्तीसगढ़ के खरसिया क्षेत्र के चर्चित परासकोल मर्डर केस से जुड़ा पुलिस कस्टडी में मौत (Police Custodial Death) मामला अब गंभीर विवाद का रूप लेता जा रहा है। हत्या की जांच में पुलिस पूछताछ के लिए ले जाए गए 45 वर्षीय ग्रामीण रमेश लाल चौहान की रायपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई है।
रायपुर के डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से जारी डेथ सूचना में उनकी मौत का कारण इंट्रापैरेन्काइमल हेमरेज (दिमाग के भीतर भारी रक्तस्राव) बताया गया है। इस मेडिकल जानकारी के सामने आने के बाद पूरे मामले को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं और सियासी माहौल भी गर्माने लगा है।
जानकारी के मुताबिक परासकोल के अनिल चौहान हत्याकांड की जांच के सिलसिले में पुलिस ने रमेश चौहान को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। परिजनों का कहना है कि रमेश सुबह सामान्य स्थिति में घर से निकला था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने गांव के सरपंच को फोन कर बताया कि उसकी तबीयत खराब हो गई है।
परिजनों का आरोप है कि रमेश को थाने से गंभीर हालत में उनके हवाले किया गया और इलाज कराने को कहा गया। इसके बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
रायगढ़ से रायपुर तक चला इलाज, पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार
रमेश को पहले रायगढ़ में भर्ती कराया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे रायपुर के डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर किया गया। यहां इलाज के दौरान 5 मार्च 2026 को उसकी मौत हो गई।
मृतक की पत्नी और भाई ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि थाने जाने से पहले रमेश पूरी तरह स्वस्थ था, लेकिन वापस आने के बाद उसे लकवे के लक्षण दिखने लगे।
दूसरी ओर पुलिस ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि रमेश शराब पीने का आदी था और हत्या की रात भी वह मृतक के साथ शराब पी रहा था। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के लिए बुलाए जाने के समय भी वह नशे की हालत में था।
रायपुर के डीकेएस अस्पताल में ईलाज के दौरान रमेश चौहान की मौत के बाद खरसिया में ग्रामीणों ने धरना देना शुरू कर दिया है। बड़ी संख्या में लोग थाने के सामने खड़े होकर मारपीट करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर की मांग की है। इस हत्या की कांग्रेस ने न्यायिक जांच की मांग की है।
मेडिकल रिपोर्ट ने बढ़ाई उलझन,
डीकेएस अस्पताल की डेथ सूचना में मौत का कारण इंट्रापैरेन्काइमल हेमरेज बताया गया है, जिसका मतलब है दिमाग के भीतर नस फटना और गंभीर रक्तस्राव होना।
मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक यह स्थिति अक्सर सिर पर गंभीर चोट लगने या अचानक अत्यधिक तनाव और ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण भी हो सकती है।
फिलहाल रायपुर में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में रमेश चौहान का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। माना जा रहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों की तस्वीर साफ हो पाएगी।
इस बीच कांग्रेस ने भी मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है। वहीं परिजन न्याय की मांग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर रहे हैं।










