नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली
लोकसभा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बिना राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित हो गया है। ऐसा इसके पहले 1998 में अटल जी के प्रधानमंत्री रहते हुआ था। अब प्रधानमंत्री मोदी राज्यसभा में अपना भाषण देंगे। इसके पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लगातार तीसरे दिन लोकसभा में भाषण न दिए जाने पर विपक्ष ने हंगामा किया। दोनों फ्लोर के विपक्ष के सांसदों ने बैठकर आगे की रणनीति तय की। सुबह 10 बजे दोनों सदनों के सांसदों की बैठक बुलाई गई थी।
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन में कहा- संसद का मतलब है लोकसभा व राज्यसभा। लेकिन लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया जा रहा है। इस पर जवाब देते हुए सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष के नेता को पता होना चाहिए कि लोकसभा कार्यवाही के बारे में राज्यसभा में चर्चा नहीं की जा सकती है।
पीएम के भाषण न दिए जाने पर बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि जहां प्रधानमंत्री की सीट होती है वहां विपक्षी सांसद चढ़ गए थे। उन्होंने कहा कि विपक्ष की महिला सांसदों ने पीएम की चेयर का घेराव किया और उनके पीछे विपक्ष के पुरुष सांसद थे।
संसद परिसर में बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा ‘लोकसभा में जो हुआ उसकी तस्वीरें देखकर आप हैरान रह जाएंगे। चूंकि जनता उन्हें हरा रही है, इसलिए वे हमारे संसद को बोलने से रोकना चाहते हैं। देश को इतना बड़ा सम्मान मिला है, अमेरिका के साथ ट्रेड डील हुआ है फिर भी वे इसकी खुशियां मनाने नहीं देंगे। ‘
लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देना था। पीएम के जवाब के लिए 4 फरवरी को शाम 5 बजे का समय भी तय था, लेकिन विपक्ष के जोरदार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही नहीं चल सकी और कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी थी। इसके बाद माना जा रहा था कि पीएम गुरुवार की दोपहर में लोकसभा में चर्चा का जवाब दे सकते हैं, लेकिन अब इस तरह की चर्चाओं पर विराम लग गया है।









