नई दिल्ली। विदेश यात्रा, पढ़ाई या नौकरी के लिए पासपोर्ट (Passport) बनवाने की योजना बना रहे लोगों को अब ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट आवेदन शुल्क में बढ़ोतरी का फैसला किया है। नई शुल्क दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी।
सरकार ने पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 24 के तहत यह संशोधन किया है। इसके तहत सामान्य, तत्काल और खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के पुनः निर्गमन के लिए नई फीस तय की गई है।
नई व्यवस्था के अनुसार 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1500 रुपए से बढ़ाकर 2500 रुपए कर दी गई है। वहीं 60 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट के लिए अब 3500 रुपए शुल्क देना होगा, जो पहले 2000 रुपए था।
तत्काल श्रेणी में भी शुल्क बढ़ाया गया है। 36 पेज के तत्काल पासपोर्ट की फीस 3500 रुपए से बढ़ाकर 5000 रुपए कर दी गई है, जबकि 60 पेज के तत्काल पासपोर्ट के लिए अब 6000 रुपए देने होंगे। पहले इसकी फीस 4000 रुपए थी।
खोए या खराब हुए पासपोर्ट पर ज्यादा शुल्क
सरकार ने खोए, चोरी हुए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के बदले नया पासपोर्ट जारी करने की फीस भी तय की है।
36 पेज के पासपोर्ट के लिए सामान्य श्रेणी में 5000 रुपए और तत्काल श्रेणी में 7500 रुपए शुल्क देना होगा। वहीं 60 पेज के पासपोर्ट के लिए सामान्य श्रेणी में 6000 रुपए और तत्काल श्रेणी में 8500 रुपए फीस निर्धारित की गई है।
सरकार ने कुछ श्रेणियों को मिलने वाली छूट जारी रखने का फैसला किया है। 8 वर्ष तक के बच्चों, 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के आवेदकों और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को नए पासपोर्ट के आवेदन पर 10 प्रतिशत शुल्क छूट मिलती रहेगी।
1 जुलाई से लागू होंगे नए शुल्क
नई शुल्क संरचना 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। इसके बाद जमा किए जाने वाले सभी नए पासपोर्ट आवेदनों पर संशोधित शुल्क लागू होगा। पासपोर्ट फीस में बढ़ोतरी का असर विदेश यात्रा, उच्च शिक्षा और रोजगार के लिए पासपोर्ट बनवाने वाले लाखों लोगों पर पड़ सकता है। हालांकि सरकार का कहना है कि पासपोर्ट सेवाओं को और अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने के लिए समय-समय पर शुल्क संरचना की समीक्षा की जाती है।








