रायपुर। छत्तीसगढ़ में दुर्ग के बाद अब बलरामपुर जिले में भी अफीम की अवैध खेती (Afeem ki Kheti) का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने कुसमी थाना क्षेत्र के ग्राम भदली के पास जंगल किनारे लगभग 5 एकड़ में उगाई गई अफीम की फसल पकड़ी है।
पुलिस के अनुसार, पुलिस को क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती की शिकायत मिली थी। इसके बाद टीम ने मौके पर छापेमारी की, जहां बड़े क्षेत्र में अफीम के पौधे लहलहाते हुए मिले। ज्यादातर पौधों में फूल आ चुके थे और कई में फल भी लग चुके थे।
मिली जानकारी के अनुसार, जिस जमीन पर अफीम लगाई गई है, वह गांव के रूपदेव भगत और कौशल भगत का है। खेत से कुछ दूर वन विभाग द्वारा चूहीदाह नाले में बनाए गए स्टाप डेम से पंप लगाकर सिंचाई की जाती थी।
पंचायत के सरपंच फेकुंदर नाग ने बताया कि जनवरी माह में गांव वालों ने खेती की फोटो भेजी थी। मैने पुलिस को व्हाट्सऐप से फोटो भेजा था और थाने में फोन कर सूचना दी थी। पुलिस वालों ने कहा-ठीक है दिखवाते हैं।
सरपंच ने बताया कि अक्टूबर माह में खेती शुरू की गई थी। बाहरी लोगों ने जमीन किराए पर लेकर खेती शुरू की थी।
बताया जा रहा है कि इन फलों पर चीरा लगाने से निकलने वाले क्रीम रंग के तरल पदार्थ से अफीम तैयार की जाती है। पुलिस ने पूरे खेत को जब्त कर लिया है और प्रशासन ने पौधों को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, खेत के मालिक और इस अवैध खेती में शामिल संदिग्ध लोगों की पहचान की जा रही है। फिलहाल मामले की जांच तेज कर दी गई है, हालांकि अभी तक आरोपियों के नाम सामने नहीं आए हैं।










