नई दिल्ली। तेहरान (Tehran) में रविवार को शहर के तेल डिपो पर हवाई हमलों की रात के बाद शहर जागा तो आकाश में अभी भी घना काला धुआं उठ रहा था, सड़कों और कारों पर कालिख जमी हुई थी, बालकनियां काले गंदे पदार्थ से भरी हुई थीं, और जहरीली हवा आम लोगों फेफड़ों में भर गई थी।
अंग्रेजी अखबार द गार्जियन भेजे गए संदेशों और वॉयस नोट्स में लोगों ने अपने घरों और सड़कों की स्थिति का वर्णन किया, कुछ ने इसे प्रलयंकारी कहा कुछ लोगों ने कहा एक पल को लगा जैसे एटम बम का असर हो। दिन में आलम यह था कि सूरज ढक जाने के कारण राजधानी में लोग अंधेरे में देखने के लिए लाइट जलाने को मजबूर थे।
इजरायल द्वारा रविवार को तेहरान और उसके आसपास चार तेल डिपो और एक पेट्रोलियम लॉजिस्टिक्स साइट पर हमला किया गया। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि एक साइट पर छह लोग मारे गए और 20 घायल हुए।
सिटीजन जर्नलिस्ट द्वारा साझा किए गए वीडियो में रात भर तेहरान के आकाश में विशाल आग की लपटें दिखाई दीं और तेल रिफाइनरीज की आग के सीवर लाइन और टनल के माध्यम से समूचे तेहरान में काले धुएं और आग के दृश्य दिखाए गए। यह धुआँ 24घंटे बाद अभी भी उठ रहा था। रविवार सुबह 1 करोड़ की आबादी वाले शहर में बारिश होने पर अधिकारियों ने जहरीली अम्लीय बारिश की चेतावनी दी और कई निवासियों को गले और आँखों में जलन के साथ जागना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों में से एक ने रायटर्स को बताया कि स्थिति इतनी डरावनी है कि इसका वर्णन करना मुश्किल है। धुआं पूरे शहर को ढक चुका है। मुझे सांस लेने में गंभीर तकलीफ हो रही है, आंखों और गले में जलन है, और कई अन्य लोगों को भी यही महसूस हो रहा है। लेकिन लोगों के पास कोई विकल्प नहीं है, उन्हें बाहर जाना पड़ रहा है। कई जगहें आज खुलीं, लेकिन बाहर रहना असंभव होने के कारण फिर बंद हो गईं।’
आसमान से जहरीली बारिश
ईरान की पर्यावरण एजेंसी ने तेहरान के लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह दी। देश की पर्यावरणीय एजेंसी रेड क्रिसेंट ने कहा कि जहरीले रसायन अम्लीय बारिश का कारण बन सकते हैं और त्वचा तथा फेफड़ों को नुकसान पहुँचा सकते हैं, लोगों को एयर कंडीशनर चलाने से बचने और बारिश के तुरंत बाद बाहर न जाने की सलाह दी। साथ ही खुले भोजन को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई। तेहरान के गवर्नर ने बाहर मास्क पहनने की सिफारिश की।
यूके स्थित ईरानी हेमेटो-ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. शाहराम कोर्दस्ती ने चेतावनी दी कि जहरीली गैसें और बारीक कण आंखों और सांस की नली में जलन पैदा कर सकते हैं। दमा, फेफड़ों की बीमारियों और हृदय रोग को बदतर बना सकते हैं, तथा कुछ कैंसरों का जोखिम बढ़ा सकते हैं।
यह मानवाधिकार का उल्लंघन भर नहीं
नेगिन, जो मास्क और इनहेलर खरीदने बाहर गईं, ने कहा, ‘मास्क भी मिलना मुश्किल हो रहा है। यह एक बड़ी गलती है। मैं उन लोगों से, खासकर विदेशी मीडिया से, कहती हूँ जो इस स्थिति को दिखा सकते हैं, इसे प्रतिबिंबित करें। इन हालात में लोगों को क्या करना चाहिए? यह वाकई मानवता के खिलाफ अपराध है।’
अमेरिका-इजरायल हमलों के प्रभाव के बारे में उन्होंने कहा, ‘यह अब सिर्फ मानवाधिकार उल्लंघन नहीं है। यह वाकई मानव-विरोधी व्यवहार है। अगर किसी को इस्लामिक गणराज्य सरकार से समस्या है, तो ठीक है – लेकिन हम लोगों से नहीं। आप पानी की व्यवस्था या रिफाइनरी पर हमला नहीं कर सकते। तेहरान का अधिकांश पानी बांधों से आता है। अगर वे प्रदूषित हो गए तो क्या होगा? सरकार ने लोगों को मूल रूप से अकेला छोड़ दिया है।’
भोजन महंगा महंगी दवाएं
आम जनता ने कहा, ‘कीमतें आसमान छू रही हैं। मैंने इनहेलर 8,50,000 तोमन 650 रूपये में खरीदा। लोगों के पास यह पैसा कहाँ से आएगा? तेहरान में कई लोग दिहाड़ी मजदूर हैं जो लंबे समय से काम नहीं कर पा रहे। भोजन बेहद महंगा हो रहा है, और कई चीजें दुर्लभ हो रही हैं।’
नेगिन, जो शहर में रहने का फैसला किया गार्जियन को कहा, ‘देश के अंदर दबाव बहुत बढ़ गया है। बुनियादी सामान की कमी है। कहीं भी पेट्रोल नहीं था। आज कई जगहों पर लोगों को सिर्फ पांच लीटर ईंधन दिया जा रहा है। स्थिति बेहद दर्दनाक है।’
कोविड जैसे हालात
विदेश में रिश्तेदारों के माध्यम से प्राप्त अन्य संदेशों में दो तेहरानी लोगों ने कहा कि सभी को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है और घरेलू मीडिया पर जहरीली हवा से निपटने और सुरक्षित रहने के निर्देश दिए गए हैं। शहर के पश्चिमी हिस्से में रहने वाले 42 वर्षीय एक रेस्तरां मालिक ने कहा कि जहरीली गैस सांस लेने और किसी भी चीज को छूने का डर कोविड जैसा लग रहा है।
‘हम खिड़कियां और बालकनियां साफ करने से भी डर रहे हैं। कालिख हर जगह है और हम दस्ताने पहनकर भी इसे छूना नहीं चाहते। मेरी आँखें जल रही हैं और बाहर देखता हूं तो बिना मास्क वाले लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी जी रहे हैं। मैं इतना बहादुर नहीं हूँ। हवा में एक ऐसी गंध है जिसका वर्णन नहीं कर सकता।’
आम जनता ने कहा हम अकेले
मेहदी ने कहा कि वे भी शहर छोड़ने की योजना बना रहे हैं और पानी सुरक्षित होने तक रेस्तरां में भोजन परोसना खतरनाक होगा। ‘विश्वास करो, हम अकेले हैं। यह शासन हमारी परवाह नहीं करता तो विदेशी ताकत हमारी परवाह क्यों करेगी? और जो कह रहे हैं कि हमने यह मांगा था नहीं! हमने अपने लोगों की मौत नहीं मांगी जो वैसे भी शासन द्वारा मारे जा रहे थे। और अगर तुमने तब परवाह नहीं की जब उन्होंने हमें गोली मारी, तो अब अपना मुंह बंद रखो। हम तेहरानी एक-दूसरे की मदद करने के लिए हैं भले ही यह सरकार न करे।’
इजरायल का मानवता विरोधी आतंक
शनिवार शाम को इजरायल ने तेल भंडारण सुविधाओं को निशाना बनाया, तब मेहनाज ने राजधानी के दक्षिण से भागने की कोशिश की। उन्होंने संदेशों में कहा कि उन्हें लगा कि अगली सुबह हमले और बदतर होंगे, इसलिए उन्होंने और उनके पति ने जरूरी सामान पैक किया और कार में बैठ गए।
कुछ मिनट चलने के बाद उन्होंने शहर-ए रे तेल डिपो की ओर आकाश में चमकती लपटें देखीं।
उन्हें लगा कि यह बस एक और विस्फोट है, वे आगे बढ़ गईं, यह नहीं जानते कि तेल डिपो को निशाना बनाया गया था। शासन द्वारा लगाए गए इंटरनेट शटडाउन के कारण उन्हें जानकारी नहीं थी कि क्या और कहां मारा गया। ‘मैंने सोचा कि अब निकलना सुरक्षित है क्योंकि वे रविवार सुबह जल्दी हमला करेंगे, लेकिन मुझे वापस आना पड़ा।’
शहर छोड़ कर जा रहे लोग
शनिवार आधी रात के करीब एक प्रत्यक्षदर्शी ने लिखा, ‘तेहरान जल रहा है। और धुआं सड़कों में भर गया है। अभी शहर से बाहर निकलना असंभव है और खिड़कियां बंद होने के बावजूद भारी धुआं अंदर आ रहा है… मैं यह तय नहीं कर पा रही कि घर में रहूं या आग के बीच भागकर बाहर निकलूं जबकि अभी भी जल रहा है। मेरे पास मास्क भी नहीं है।’ लेकिन रविवार को मेहनाज ने फैसला किया कि शहर में रहना अब संभव नहीं। वे सुबह करीब 11:30 बजे भागीं और प्रांत के बाहर अपने माता-पिता के घर की ओर चली गईं। लाखों लोग तेहरान छोड़ रहे हैं।
बचेगा सिर्फ बिल्लियों का लोकतंत्र
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, ‘गैस के लिए लंबी कतार थी और वे राशनिंग कर रहे थे, कितना भरना है इसकी सीमा लगा रखी थी।’ ऑयल डिपो, विश्वास नहीं होगा, अभी भी जल रहा था और यह पागलपन है क्योंकि रात में दिन जैसा लग रहा था और दिन में इतना अंधेरा था, जैसे अमावस्या की रात। इतना, इतना अंधेरा, ठीक वैसे ही जैसे हमारा भविष्य।’
उन्होंने गार्जियन से कहा, ‘जब मैं जा रही थी तो मैंने देखा कि आकाश में एक भी पक्षी नहीं था और आप जानते हैं न क्या कहते हैं? जब पक्षी आपको छोड़ दें, तो आप वाकई अकेले हैं। शहर में इतनी बिल्लियां हैं। अगर ये हमले जारी रहे, तो जो भी यहां अगला शासक होगा, वह बिल्लियों के लोकतंत्र पर राज करेगा।’











