रायपुर। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नेशनल हेराल्ड (National Herald) को 5 वर्षों में करीब सवा 4 करोड़ के विज्ञापन दिए गए हैं। इसी तरह नवजीवन संडे को करीब 3 करोड़ के विज्ञापन दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को जनसंपर्क विभाग द्वारा मीडिया संस्थानों को दिए गए विज्ञापनों का मुद्दा उठा। इस दौरान यह बात सामने आई। भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने प्रश्नकाल के दौरान पूछा कि वर्ष 2019-20 से 2025-26 के बीच जनसंपर्क विभाग ने नेशनल हेराल्ड और नवसृजन मैगजीन को विज्ञापन मद में कितनी राशि दी। इनके कार्यालय कहां हैं और इन्हें कहां से संचालित किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने लिखित जवाब में बताया कि नेशनल हेराल्ड को इस अवधि में अलग-अलग वर्षों में विज्ञापन दिए गए। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019-20 में 34 लाख, 2020-21 में 58 लाख, 2021-22 में 68 लाख, 2022-23 में 1.28 करोड़ और 2023-24 में 1.36 करोड़ रुपए का विज्ञापन दिया गया। जबकि 2024-25 और 2025-26 में कोई राशि नहीं दी गई।
सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि नवसृजन मैगज़ीन को इस अवधि में कोई भुगतान नहीं किया गया। वहीं संडे नवजीवन को करीब 3 करोड़ 6 लाख रुपए का विज्ञापन दिया गया है।
चर्चा के दौरान भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि नेशनल हेराल्ड के प्रबंधकर्ता पवन बंसल हैं और इसका मुखिया कौन है, यह पूरा देश जानता है।
उन्होंने पूरक प्रश्न में पूछा कि क्या सरकार किसी राजनीतिक दल के विचारों के मुखपत्र को सरकारी पैसा दे सकती है और यदि ऐसा हुआ है तो क्या जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी?
वहीं भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने भी सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर किस नीति के तहत यह विज्ञापन दिया गया और क्या इस मामले की जांच कराई जाएगी। इस पर मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि विज्ञापन प्रति पृष्ठ 8 लाख रुपए की दर से दिए गए हैं और यह पूरी प्रक्रिया विज्ञापन नियमावली 2019 के तहत की गई है।










