रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में विशेष POCSO अदालत ने छह साल की बच्ची से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में 24 वर्षीय आरोपी सोमेश यादव को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने इस अपराध को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ यानी अत्यंत दुर्लभ श्रेणी का मामला माना।
विशेष अदालत ने गुरुवार को सोमेश यादव को POCSO एक्ट की धारा 6(1) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत दोषी ठहराया। ये धाराएं गंभीर यौन अपराध और हत्या से संबंधित हैं। अदालत ने दोनों धाराओं के तहत आरोपी पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मौत की सजा को लेकर सुप्रीम कोर्ट कई फैसलों में स्पष्ट कर चुका है कि इसे केवल ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामलों में ही दिया जाना चाहिए। अदालतों को मृत्युदंड देने के लिए विशेष कारण दर्ज करना आवश्यक है।
सुप्रीम कोर्ट ने 1973, 1979 और 1980 में दिए गए अपने फैसलों में मृत्युदंड की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा था। अदालत ने माना कि यदि कानून में मृत्युदंड का प्रावधान है और उसे लागू करने की प्रक्रिया निष्पक्ष, न्यायसंगत और उचित है, तो असाधारण मामलों में मौत की सजा दी जा सकती है।
दुर्ग की विशेष POCSO अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी में माना और आरोपी को फांसी की सजा सुनाई।










