नई दिल्ली। मुंबई की एक विशेष अदालत ने महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक से जुड़े कथित 25 हजार करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है। इस फैसले से दिवंगत पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार, उनकी पत्नी और वर्तमान महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, साथ ही 70 से अधिक अन्य लोगों को क्लीन चिट मिल गई है।
EOW ने कोर्ट को बताया कि जांच में कोई आपराधिक अपराध नहीं पाया गया। लोन स्वीकृति और वसूली में कोई अनियमितता नहीं मिली।कोर्ट ने कार्यकर्ता अन्ना हजारे और अन्य लोगों द्वारा दायर प्रोटेस्ट पिटीशन ( भी खारिज कर दिया। स्पेशल जज महेश जाधव ने यह फैसला सुनाया।
यह मामला 2007 से 2017 के बीच जिला सहकारी बैंकों और MSCB द्वारा चीनी मिलों, स्पिनिंग मिलों आदि को दिए गए लोन से जुड़ा था, जहां कथित रूप से नियमों का पालन नहीं किया गया और राज्य को भारी नुकसान हुआ। जांच 2019 में बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश पर शुरू हुई थी।
EOW ने पहले भी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी, लेकिन सरकार बदलने पर कुछ विवाद हुए, फिर से वही रिपोर्ट स्वीकार हो गई।यह फैसला अजित पवार की बारामती में विमान दुर्घटना में मौत के लगभग एक महीने बाद आया है।










