रायपुर। ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच द्वारा 12 फरवरी को घोषित देशव्यापी हड़ताल (Labour Strike) के समर्थन में छत्तीसगढ़ किसान महासभा और पेनड्रावन जलाशय बचाओ किसान संघर्ष समिति ने प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। संगठनों ने बंगोली-मूरा रोड पर अपराह्न 3 बजे प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है।
छत्तीसगढ़ किसान महासभा के संयोजक नरोत्तम शर्मा ने केंद्र और राज्य की सरकारों की नीतियों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि श्रम कानूनों में बदलाव से मजदूरों के अधिकार कमजोर हुए हैं। उन्होंने कहा कि 44 श्रम कानूनों में से 29 को समाप्त कर चार श्रम संहिताएं लागू की गई हैं, जिससे बड़ी संख्या में मजदूर श्रम कानूनों के दायरे से बाहर हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि मनरेगा को मजबूत करने के बजाय उसे कमजोर किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण और खेतिहर मजदूरों के रोजगार पर असर पड़ रहा है। साथ ही कृषि विपणन से जुड़ी नीतियों और संभावित अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों को लेकर भी चिंता जताई गई है। बयान में दावा किया गया है कि इन नीतियों से किसानों और देश की आर्थिक संप्रभुता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने भी ट्रेड यूनियनों की हड़ताल का समर्थन किया है। किसान महासभा ने क्षेत्र के किसान, मजदूर, छात्र, महिला और नौजवानों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
संगठनों ने कहा है कि वे किसान-मजदूरों के अधिकारों की रक्षा और जनहित के मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।











