यौन उत्पीड़न के आरोपों में JNU ने कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजाम को किया बर्खास्त, जांच को बताया साजिश

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने यौन उत्पीड़न के आरोपों में प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। अकोइजाम मणिपुर की इनर मणिपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद हैं। उनके खिलाफ करीब 11 छात्राओं ने शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है।

मामला मई 2026 में मौखिक परीक्षाओं यानी वाइवा के बाद सामने आया था। छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर कक्षाओं और वाइवा के दौरान अश्लील टिप्पणियां करते थे और निजी रिश्तों से जुड़े सवाल पूछते थे। शिकायतों में अच्छे नंबर देने के बदले यौन संबंधी मांगें करने और बिना सहमति छूने जैसे गंभीर आरोप भी शामिल थे। करीब 11 छात्राओं ने 18 मई के आसपास विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति से शिकायत की थी।

समिति ने शिकायतकर्ता छात्राओं, गवाहों और प्रोफेसर का पक्ष सुनने के बाद जांच पूरी की। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, समिति ने कई आरोपों को सही पाया। शुक्रवार को रिपोर्ट मिलने के बाद कुलपति शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित ने अकोइजाम को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया। हालांकि, समिति के सदस्यों में सजा की गंभीरता को लेकर मतभेद भी सामने आए थे।

मामले में जांच में देरी को लेकर छात्र संगठनों ने सवाल उठाए थे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच और जल्द कार्रवाई की मांग की थी। सितंबर में दिल्ली महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेकर विश्वविद्यालय से कार्रवाई की जानकारी मांगी थी।

बर्खास्तगी के बाद अकोइजाम ने जांच प्रक्रिया को अपने खिलाफ साजिश बताया और आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने की मांग की। उनका कहना है कि उनकी छवि खराब करने की कोशिश हो रही है और सच्चाई कानूनी प्रक्रिया से सामने आनी चाहिए। फिलहाल JNU ने आंतरिक जांच के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। विश्वविद्यालय से बर्खास्तगी का मतलब आपराधिक अदालत में दोष सिद्ध होना नहीं है।

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