बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिले में आयकर विभाग (IT Raid) ने कोयला कारोबार से जुड़े बड़े कारोबारियों के ठिकानों पर गुरुवार को छापेमारी की। बिलासपुर में फिल ग्रुप के घर और कार्यालय समेत कई ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की गई, वहीं जांजगीर-चांपा में तिरुपति मिनरल्स के दफ्तर में IT टीम ने दबिश दी है।
बिलासपुर में आयकर विभाग की टीम ने फिल ग्रुप के श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित कार्यालय और रामा वर्ल्ड स्थित निवास पर छापा मारा। टीम सर्वे/इंस्पेक्शन रिपोर्ट (SIR) की टीम के रूप में पहुंची और वाहनों पर SIR के स्टीकर भी लगाए गए थे।
अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। लेन-देन से जुड़े अहम कागजात खंगाले जा रहे हैं। फिल ग्रुप के मालिक प्रवीण झा बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कोल वाशरी में बड़े पैमाने पर कोल मिक्सिंग और टैक्स में हेराफेरी की आशंका सामने आई है। कारोबार से होने वाली आय की तुलना में कम टैक्स भुगतान किए जाने के संदेह के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, मौके पर मौजूद अधिकारी इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
बिलासपुर में इससे पहले दिसंबर माह में स्टेट जीएसटी की टीम ने तीन कोल कारोबारियों के यहां रेड की थी। उस दौरान महावीर कोल वाशरी ने 10 करोड़ रुपए सरेंडर किए थे। इसके बाद फिल ग्रुप ने 11 करोड़ और पारस कोल वाशरी ने 6 करोड़ 50 लाख रुपए सरेंडर किए थे।
तीनों कारोबारियों द्वारा कुल 27 करोड़ 50 लाख रुपए सरेंडर किए जाने के बाद माना जा रहा है कि जीएसटी कार्रवाई से मिले इनपुट के आधार पर ही आयकर विभाग ने यह छापेमारी की है।
जांजगीर-चांपा जिले के चांपा-बिर्रा रोड स्थित तिरुपति मिनरल्स के कार्यालय में भी आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा है। जानकारी के अनुसार, टीम ने कोयला व्यापारी अंशुमान मुरारका के दफ्तर में सुबह से ही डेरा डाला हुआ है।
कार्यालय में आय-व्यय, खातों और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है। तिरुपति मिनरल्स के प्रोप्राइटर अंशुमान मुरारका कोयला व्यवसाय से जुड़े हैं।
फिलहाल दोनों जिलों में आयकर विभाग की कार्रवाई जारी है और विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।










