नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली
ट्रैकिंग डेटा (LSEG) के अनुसार ईरानी तेल से लदे दो बहुत बड़े क्रूड कैरियर (VLCC) भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच गए हैं। स्थानीय रिफाइनरियाँ अमेरिका द्वारा पिछले महीने दी गई अस्थायी छूट का उपयोग कर रही हैं, जिससे सात वर्षों में पहली बार तेहरान से तेल खरीदना फिर से शुरू हो गया है।
वर्तमान छूट 19 अप्रैल को समाप्त होने वाली है।ईरान-ध्वज वाले जहाज फेलिसिटी (Felicity) पश्चिमी भारत के सिक्का बंदरगाह पर पहुंच गया है, जबकि कुराकाओ-ध्वज वाले जहाज जाया पूर्वी तट पर ओडिशा के बंदरगाह पर है। एक VLCC में लगभग 20 लाख बैरल तेल ले जाने की क्षमता होती है।
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता भारत मई 2019 के बाद से ईरान से कोई तेल कार्गो नहीं प्राप्त कर रहा था, जब अमेरिकी दबाव के कारण उसे ईरानी क्रूड खरीदना बंद करना पड़ा था।
देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने ईरानी तेल खरीदा है, जो जाया जहाज पर लदा हुआ है। यह जहाज अमेरिकी प्रतिबंधों के अधीन है। रॉयटर्स ने पिछले सप्ताह इसकी रिपोर्ट दी थी।
भारत ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को भी ईरानी तेल खरीदने की अनुमति दी है। रिलायंस दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स संचालित करता है। यह तेल कॉमोरोस-ध्वज वाले आफ्रामैक्स काविज, कुराकाओ-ध्वज वाले VLCC लेनोर, और ईरान-ध्वज वाले VLCC फेलिसिटी तथा हेडी पर लदा हुआ है। ये सभी जहाज 20 वर्ष से अधिक पुराने हैं और अमेरिकी प्रतिबंधों के अधीन हैं।







