पाकिस्तानी ट्रोलरों के दबाव में ईरानी दूतावास ने भारतीयों को धन्यवाद कहने वाली ट्वीट डिलीट की

March 25, 2026 7:14 PM
Iranian embassy

नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली

ईरानी दूतावास ने नई दिल्ली में भारत और “कश्मीर के दयालु लोगों” को मानवीय सहायता भेजने के लिए शुक्रिया अदा करने वाली कई पोस्ट्स X (पूर्व ट्विटर) पर चुपचाप डिलीट कर दीं। ऐसा पाकिस्तान आधारित यूजर्स की भारी आलोचना और ऑनलाइन गाली-गलौज के बाद किया गया, क्योंकि दूतावास ने कश्मीर को भारत का हिस्सा बताया था।

इंडिया टुडे के अनुसार इस हफ्ते की शुरुआत में ईरानी दूतावास के आधिकारिक हैंडल ‘Iran in India’ ने कश्मीर और भारत से भेजी गई मानवीय सहायता की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। इनमें नकद राशि, गहने, घरेलू सामान आदि शामिल थे। ये सहायता ईरान पर चल रहे अमेरिका-इजरायल हमलों से प्रभावित लोगों के लिए थी।

दूतावास ने ट्वीट किया था“हृदय में कृतज्ञता से भरे हुए, हम कश्मीर के दयालु लोगों को धन्यवाद देते हैं, जिन्होंने मानवीय सहायता और हार्दिक एकजुटता से ईरान के लोगों के साथ खड़े होकर मदद की। यह दयालुता कभी नहीं भुलाई जाएगी। धन्यवाद, भारत।” यह पोस्ट अब डिलीट कर दी गई है।

जम्मू-कश्मीर में सहायता अभियान में ईद-उल-फित्र के बाद विभिन्न संप्रदायों के लोग शामिल हुए। स्वयंसेवकों ने पैसे, सोने-चांदी के गहने, मवेशी और पीतल-तांबे के बर्तन इकट्ठा किए। कई महिलाओं ने अपने निजी गहने और घरेलू मूल्यवान सामान दान किए।
दूतावास ने डिलीट होने से पहले एक उदाहरण भी हाइलाइट किया था:जिसमें कहा गया तब“कश्मीर की एक सम्मानित बहन ने 28 साल पहले अपने दिवंगत पति की याद में रखे गए सोने के स्मृति चिन्ह को दान कर दिया। दिल में प्यार और एकजुटता के साथ ईरान के लोगों के लिए। आपकी आंसू और शुद्ध भावनाएं ईरान के लोगों के लिए सबसे बड़ा सांत्वना का स्रोत हैं और कभी नहीं भुलाई जाएंगी।”

उसी वीडियो को बाद में फिर से शेयर किया गया, लेकिन इस बार बहुत छोटे कैप्शन के साथ जिसमें भारत और कश्मीर दोनों का जिक्र हटा दिया गया। नया कैप्शन सिर्फ इतना था:“हम आपकी दयालुता को कभी नहीं भुलाएंगे।”

पोस्ट्स की डिलीट होने की वजह पाकिस्तान आधारित यूजर्स का दबाव था। उन्होंने दूतावास की पोस्ट्स पर स्पैम कमेंट्स किए, जिसमें तर्क दिया कि कश्मीर विवादित क्षेत्र है और इसे भारत का हिस्सा नहीं बताया जाना चाहिए। कुछ पाकिस्तानी हैंडलों ने ईरान से मांग की कि वह अपनी स्थिति सुधारे और माफी मांगे।

इसके बाद दूतावास की पोस्ट्स में ईरानी राज्य मीडिया से कश्मीरियों को धन्यवाद देने वाला कंटेंट शेयर किया गया, लेकिन भारत का कोई जिक्र नहीं किया गया। इधर भारतीय यूजर्स ने पोस्ट्स हटाए जाने पर सवाल उठाए। कुछ ने विदेश मंत्रालय से इस पर ध्यान देने की अपील की।भारत और ईरान के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंध हैं, जो व्यापार, ऊर्जा और क्षेत्रीय विकास में सहयोग से मजबूत हुए हैं। हालांकि कश्मीर मुद्दा संवेदनशील बना हुआ है।

2019 में जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति खत्म होने के बाद ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर आयतोल्लाह अली खामेनेई ने क्षेत्र में मुसलमानों की स्थिति पर चिंता जताई थी। भारत ने इस पर तेज प्रतिक्रिया दी और ईरानी दूत को तलब किया था।भारत का रुख साफ है कि पूरा कश्मीर उसका संप्रभु क्षेत्र है और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच द्विपक्षीय मुद्दा है।

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