छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन ने राज्य सरकार से की मांग, MD/MS डॉक्टरों को उनकी स्पेशलिटी विभाग में ही मिले ड्यूटी

February 11, 2026 8:29 PM

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों (Government hospitals of Chhattisgarh) और मेडिकल कॉलेजों में काम करने वाले पोस्टग्रेजुएट डॉक्टरों (MD/MS/डिप्लोमा) की ड्यूटी व्यवस्था को लेकर छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन ने गंभीर चिंता जताई है। फेडरेशन का कहना है कि कई जगहों पर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को उनकी पढ़ाई और विशेषज्ञता से अलग विभागों में खासकर इमरजेंसी (कैजुअल्टी) में ड्यूटी कराई जा रही है।

फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह लोधी ने द लेंस को बताया कि इमरजेंसी सेवाओं के लिए एमबीबीएस डॉक्टरों की पर्याप्त संख्या उपलब्ध है जो आसानी से यह काम संभाल सकते हैं लेकिन स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को कैजुअल्टी में लगाने से उनके मुख्य विभागों में कमी रह जाती है। इससे मरीजों को समय पर स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं मिल पाता और उन्हें काफी परेशानी होती है। साथ ही, स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की क्लीनिकल स्किल्स पर भी बुरा असर पड़ता है जिससे भविष्य में इलाज की क्वालिटी प्रभावित हो सकती है।

दरअसल एक मामला बलौदाबाजार ज़िले से आया था जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों को आपातकाल विभाग में ड्यूटी करने को दबाव बनाया जा रहा था जबकि वहाँ cmo ड्यूटी के लिए MBBS चिकित्सको की कमी नहीं थी। गौरतलब है कि विशेषज्ञ चिकित्सक 3 साल केवल एक विषय की पढ़ाई करने के लिए दक्ष रहते है, ऐसे में उनके ट्रेनिंग के विपरीत विभाग में ड्यूटी लगाना आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है ! मिली जानकारी के अनुसार रेडियो पैथोलॉजी विभाग के डॉक्टर्स की इमरजेंसी विभाग में ड्यूटी लगायी जा रही थी जिसके बाद बलौदाबाजार के चिकित्सकों ने सिविल सर्जन को पत्र लिखकर अपने उपर हो रहे मानसिक प्रताड़ना की बात उठायी थी।

इस मामले के सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन ने स्वास्थ्य विभाग, छत्तीसगढ़ शासन से तीन मुख्य मांगें की हैं –

1 इमरजेंसी ड्यूटी मुख्य रूप से एमबीबीएस डॉक्टरों से ही कराई जाए।
2 MD/MS डॉक्टरों को उनकी स्पेशलिटी वाले विभाग में ही पोस्टिंग दी जाए।
3 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में स्पेशलिस्ट सेवाएं बिना रुकावट के उपलब्ध हों।

डॉ. लोधी का कहना है कि अगर यह बदलाव हुआ तो मरीजों को बेहतर और तेज इलाज मिलेगा साथ ही स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की क्षमता का सही इस्तेमाल होगा। फेडरेशन ने सरकार से इस मुद्दे पर जल्द सकारात्मक फैसला लेने की अपील की है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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