अहमदाबाद। गुजरात में नवरात्रि (Navaratri)के दौरान गरबा खेलने के लिए लोग तरह-तरह की तैयारियां करते हैं। नए कपड़े, मेकअप और ब्यूटी पार्लर के साथ अब एक नया ट्रेंड भी सामने आया है। अहमदाबाद में कई लोग चेहरे पर निखार लाने और लगातार नौ रातों तक गरबा खेलने के लिए विटामिन की ड्रिप लगवा रहे हैं। इसे IV ड्रिप थेरेपी कहा जाता है। शहर के कुछ महंगे स्किन और ब्यूटी क्लीनिकों में इसकी मांग बढ़ने की बात सामने आई है। हालांकि, डॉक्टरों ने बिना जरूरत और जांच के इस तरह की ड्रिप लगवाने से बचने की सलाह दी है।
क्या है IV ड्रिप थेरेपी, जिसके पीछे भाग रहे लोग?
IV ड्रिप थेरेपी में विटामिन और दूसरे पोषक तत्वों का मिश्रण नसों के जरिए सीधे शरीर में पहुंचाया जाता है। अहमदाबाद के क्लीनिकों में इसके लिए विटामिन C, विटामिन B-कॉम्प्लेक्स, जिंक और ग्लूटाथियोन जैसे तत्वों का इस्तेमाल किया जा रहा है। क्लीनिकों में इसे चेहरे पर चमक लाने और शरीर की थकान दूर करने के उपाय के तौर पर पेश किया जा रहा है। एक सेशन में करीब 45 मिनट लगते हैं। हालांकि, स्वस्थ लोगों में ऐसी ड्रिप से तुरंत ऊर्जा मिलने या त्वचा में निखार आने के दावों के पक्ष में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।
एक बार की ड्रिप पर 4 से 10 हजार रुपये खर्च
अहमदाबाद में IV ड्रिप थेरेपी के एक सेशन के लिए 4 हजार से 10 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं। वहीं, नवरात्रि के लिए तैयार किए गए कुछ पैकेज की कीमत 15 हजार रुपये तक पहुंच रही है। कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि ड्रिप में कौन-कौन से पोषक तत्व मिलाए गए हैं और किस क्लीनिक में इसे लगवाया जा रहा है।
पहले इसे मुख्य रूप से युवाओं और सोशल मीडिया से जुड़ा ट्रेंड माना जा रहा था, लेकिन अब 30 से 40 साल की उम्र के नौकरीपेशा लोग भी इसे आजमा रहे हैं। दिनभर दफ्तर में काम करने और रात में घंटों गरबा खेलने के कारण होने वाली थकान से बचने के लिए लोग इस तरीके की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।
नौकरी के साथ गरबा खेलने के लिए ले रहे ड्रिप
अहमदाबाद के प्रह्लाद नगर की रहने वाली 24 वर्षीय डिजिटल स्ट्रैटेजिस्ट रिया शाह (बदला हुआ नाम) ने भी नवरात्रि से पहले पहली बार IV ड्रिप लगवाई। उनका कहना है कि दफ्तर के काम और देर रात तक गरबा की प्रैक्टिस के कारण वे काफी थक जाती थीं। इसका असर उनके चेहरे पर भी दिखाई देने लगा था।
रिया के मुताबिक, उनके दोस्तों ने नवरात्रि से पहले एक बार ग्लो ड्रिप लगवाने की सलाह दी, ताकि गरबा के दौरान वे तरोताजा दिख सकें।
वहीं, बोडकदेव के रहने वाले 38 वर्षीय फाइनेंशियल कंसल्टेंट अमित पटेल का कहना है कि लगातार कई रातों तक गरबा खेलने के बाद सुबह समय पर दफ्तर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से उन्होंने एक बार एनर्जी ड्रिप लगवाने का फैसला किया। हालांकि, वे इसे सिर्फ त्योहार के दौरान अपनाया गया उपाय मानते हैं।
डॉक्टरों की चेतावनी, बिना जांच के ड्रिप लगवाना खतरनाक
इस बढ़ते ट्रेंड के बीच डॉक्टरों ने लोगों को सावधान किया है। अहमदाबाद के सोला इलाके की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. किंजल मेहता के मुताबिक, IV ड्रिप कोई सामान्य ब्यूटी ट्रीटमेंट नहीं, बल्कि एक चिकित्सीय प्रक्रिया है। इसे लगवाने से पहले व्यक्ति की सेहत और मेडिकल हिस्ट्री की जांच जरूरी है।
उन्होंने बताया कि इन ड्रिप में कई बार अधिक मात्रा में विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट दिए जाते हैं। बिना डॉक्टर की निगरानी में इन्हें लेने से एलर्जी, शरीर में जरूरत से ज्यादा तरल पदार्थ पहुंचने और स्वास्थ्य संबंधी दूसरी परेशानियों का खतरा हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, जिन लोगों में पोषक तत्वों की कमी नहीं है, उनके लिए इस तरह की ड्रिप का फायदा साबित नहीं हुआ है। इसलिए सिर्फ चेहरे की चमक या गरबा खेलने के लिए ऊर्जा बढ़ाने के मकसद से IV ड्रिप लगवाना जरूरी नहीं है।
निखार के चक्कर में सेहत से खिलवाड़ का खतरा
नवरात्रि के दौरान सामने आया यह ट्रेंड अब सिर्फ सजने-संवरने तक सीमित नहीं रह गया है। लोग त्योहार की थकान से बचने के लिए भी मेडिकल ट्रीटमेंट का सहारा ले रहे हैं। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन और शरीर में पानी की कमी न होने देना ज्यादा सुरक्षित उपाय हैं।
IV ड्रिप के जरिए पोषक तत्व सीधे खून में पहुंचते जरूर हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि शरीर को उनकी जरूरत भी है। ऐसे में विशेषज्ञों की सलाह है कि सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों या दोस्तों की सलाह पर ड्रिप लगवाने के बजाय पहले डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।








