जर्मनी, ब्रिटेन, कनाडा समेत समेत आठ देशों ने ईरान की निंदा करते हुए Strait of Hormuz को खोलने को कहा

March 19, 2026 11:49 PM
Iran Recloses Strait of Hormuz

नई दिल्ली। जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, कनाडा नीदरलैंड और जापान ने ईरान की निंदा करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) खोलने को कहा है। इन सभी देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर होर्मूज स्ट्रेट से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए उचित प्रयासों में योगदान देने की बात कही है।

पत्र में कहा गया है कि यूके, कनाडा समेत हम सब देश खाड़ी में निहत्थे वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों, तेल और गैस प्रतिष्ठानों सहित नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों और ईरानी सेना द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को वस्तुतः बंद करने की कड़ी निंदा करते हैं। हम बढ़ते संघर्ष पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। हम ईरान से आग्रह करते हैं कि वह अपनी धमकियों, बारूदी सुरंग बिछाने, ड्रोन और मिसाइल हमलों तथा जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों के लिए अवरुद्ध करने के अन्य प्रयासों को तुरंत बंद करे और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का अनुपालन करे।

पत्र में कहा गया है कि नौवहन की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय कानून का एक मूलभूत सिद्धांत है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन भी शामिल है।ईरान की इन कार्रवाइयों का असर दुनिया के सभी हिस्सों के लोगों पर पड़ेगा, खासकर सबसे कमजोर वर्गों पर। 

पत्र कहता है संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 के अनुरूप, हम इस बात पर ज़ोर देते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय जहाजरानी में इस तरह का हस्तक्षेप और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है। इस संबंध में, हम तेल और गैस प्रतिष्ठानों सहित नागरिक अवसंरचनाओं पर हमलों पर तत्काल व्यापक रोक लगाने का आह्वान करते हैं।

पत्र में कहा गया है कि हम जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए उचित प्रयासों में योगदान देने के लिए तत्पर हैं। हम उन देशों की प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं जो प्रारंभिक योजना बनाने में लगे हुए हैं। हम अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी द्वारा रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारों को समन्वित रूप से जारी करने के निर्णय का स्वागत करते हैं। हम ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने के लिए अन्य कदम उठाएंगे, जिनमें कुछ उत्पादक देशों के साथ मिलकर उत्पादन बढ़ाना शामिल है।

पत्र कहता है कि हम संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के माध्यम से सबसे अधिक प्रभावित देशों को सहायता प्रदान करने के लिए भी काम करेंगे। अंत में पत्र के कहा गया है कि समुद्री सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता सभी देशों के लिए लाभकारी है। हम सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने और अंतरराष्ट्रीय समृद्धि और सुरक्षा के मूलभूत सिद्धांतों को बनाए रखने का आह्वान करते हैं।

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