नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजों के बाद आंसरशीट और नंबरों को लेकर उठे विवादों ने तूल पकड़ लिया है। शिक्षा मंत्रालय ने अब कोएम्प्ट (COEMPT) एडुटेक को दिए गए OSM (On-Screen Marking) टेंडर पर CBSE से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि टेंडर प्रक्रिया में किसी खास कंपनी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई।
पोर्टल फिर शुरू, छात्रों को राहत
CBSE का रीवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन पोर्टल मंगलवार को आखिरकार लाइव हो गया। सोमवार को यह पोर्टल पूरे दिन नहीं खुल सका, जिससे लाखों छात्रों को परेशानी हुई। बोर्ड ने बताया कि पोर्टल पर अनधिकृत हस्तक्षेप (हैकिंग की कोशिश) की रिपोर्ट मिली थी। अब यह पोर्टल 6 जून तक खुला रहेगा। CBSE ने छात्रों की शिकायतों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। बोर्ड के कुछ अधिकारियों पर आंसरशीट बदलने और कम नंबर देने के आरोप लगे हैं।
टेंडर पर सवाल
शिक्षा मंत्रालय ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश कर दी है। CBSE ने टेंडर 5 दिसंबर को कोएम्प्ट एडुटेक को दिया था जब पहली परीक्षा शुरू होने में सिर्फ 74 दिन बाकी थे। बोर्ड का कहना है कि टेंडर सरकारी नियमों और वित्तीय प्रक्रियाओं के मुताबिक ही दिया गया।राहुल गांधी ने एक दिन पहले कहा था कि OSM टेंडर की प्रक्रिया से खास वेंडर को फायदा पहुंचाया गया।
कोएम्प्ट एडुटेक का विवादित इतिहास
कोएम्प्ट एडुटेक हैदराबाद की कंपनी है, जो तेलंगाना, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में डिजिटल मूल्यांकन का काम करती है। 2019 में तब इसका नाम ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज था उसपर तेलंगाना बोर्ड की 12वीं परीक्षा में डेटा प्रोसेसिंग में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। उस साल राज्य में 9.74 लाख छात्रों में से 3 लाख से ज्यादा फेल हो गए थे।
छात्रों की आवाज ने खोला राज
वेदांत श्रीवास्तव (दिल्ली): फिजिक्स में 65 नंबर मिलने पर उन्होंने सवाल उठाया। रीवैल्यूएशन में कॉपी देखने पर गड़बड़ी सामने आई। पहले सोशल मीडिया पर उन पर ट्रोलिंग हुई, बाद में CBSE ने गलती मान ली और माफी मांगी।
सार्थक सिद्धांत (रांची): 17 साल के इस छात्र ने 576 CBSE दस्तावेजों का अध्ययन कर टेंडर में संभावित अनियमितताओं का खुलासा किया।
यूथ कांग्रेस का आंदोलन
इंडियन यूथ कांग्रेस ने पूरे देश में प्रदर्शन तेज करने का ऐलान किया है। संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। महाराष्ट्र, तेलंगाना, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में मशाल जुलूस, छात्र संपर्क और घेराव जैसे कार्यक्रम होंगे।
CBSE का बयान
बोर्ड ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही।
13 मई: 12वीं के नतीजे घोषित
19 मई: पोर्टल खोला गया, लेकिन क्रैश हो गया
25 मई: IITs से मदद मांगी गई
1-2 जून: पोर्टल में दिक्कत, फिर लाइव











