रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित CGPSC भर्ती घोटाले और DMF फंड घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने दोनों मामलों से जुड़े उत्कर्ष चंद्राकर और सतपाल सिंह छाबड़ा को गिरफ्तार किया है। दोनों को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 5 सितंबर तक ED की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया।
ED ने दोनों आरोपियों से पूछताछ के लिए कस्टोडियल रिमांड की मांग की थी। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए नए साक्ष्यों और कथित वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने के लिए दोनों से पूछताछ जरूरी है।
उत्कर्ष चंद्राकर CGPSC भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में आरोपी हैं। रिपोर्टों के मुताबिक ED ने आरोप लगाया है कि अभ्यर्थियों से कथित तौर पर पैसे लेकर उन्हें परीक्षा और चयन से जुड़ी मदद का भरोसा दिया गया। कुछ रिपोर्टों में उनके जरिए करीब 3.11 करोड़ रुपये लिए जाने का आरोप बताया गया है।
ED की जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि अभ्यर्थियों को डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयन नहीं होने की स्थिति में फॉरेस्ट विभाग में पोस्टिंग दिलाने का कथित भरोसा दिया गया था। इन आरोपों की जांच अब ED कर रही है।
DMF घोटाले में सतपाल सिंह छाबड़ा की गिरफ्तारी
वहीं सतपाल सिंह छाबड़ा को DMF फंड घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है। ED उनकी कथित कमीशनखोरी और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है। अलग-अलग रिपोर्टों में उनके खिलाफ करीब 30 करोड़ रुपये कमीशन लेने का आरोप सामने आया है, जबकि एक रिपोर्ट में बीज निगम से 31 करोड़ रुपये के कमीशन का आरोप बताया गया है।
ED अब रिमांड के दौरान कथित रकम के लेन-देन, उससे जुड़ी संपत्तियों और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल करेगी।
चेतन बोरघरिया के ठिकाने पर भी कार्रवाई
दोनों गिरफ्तारियों के साथ ED ने छत्तीसगढ़ में पिछले दिनों कई ठिकानों पर छापेमारी भी की। रिपोर्टों के मुताबिक एजेंसी ने कुल सात स्थानों पर कार्रवाई की है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के PA रहे केके चंद्रवंशी, पूर्व OSD चेतन बोरघारिया और पूर्व पटवारी कमलेश सिंह राजपूत से जुड़े ठिकाने भी शामिल बताए गए हैं।








