विवादों को सुलझाने के लिए संवाद और मध्यस्थता जरूरी, साइंस कॉलेज में कैंपस मध्यस्थता प्रतियोगिता संपन्न

दुर्ग। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में वीवाईटी साइंस कॉलेज (Science College) में आयोजित ‘मध्यस्थता 3.0’ कैंपस प्रतियोगिता का समापन 16 अक्टूबर को हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय तिवारी ने कहा कि मध्यस्थता और संवाद के जरिए विवाद सुलझाना भारत की पुरानी परंपरा रही है। अदालत जाने से पहले आपसी बातचीत से समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए। मुख्य अतिथि प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर ने कहा कि अदालतों में बड़ी संख्या में ऐसे मामले लंबित हैं, जिन्हें मध्यस्थता से सुलझाया जा सकता है।

महिला प्रताड़ना के बढ़ते मामलों पर जताई चिंता

कार्यक्रम में चतुर्थ जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनीश दुबे ने महिला प्रताड़ना और बच्चियों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल से परिवारों में आपसी बातचीत कम हो रही है। उन्होंने मनोविज्ञान के विद्यार्थियों से इस विषय पर जागरूकता फैलाने की अपील की। प्रतियोगिता का आयोजन सुप्रीम कोर्ट की मीडिएशन एंड कॉन्सिलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी के निर्देशन में चल रहे ‘मीडिएशन फॉर द नेशन 3.0’ अभियान के तहत किया गया था।

यामिनी बघेल की टीम को मिला पहला पुरस्कार

प्रतियोगिता में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। टीम वर्ग में यामिनी बघेल, नीता साहू, आदित्य कुमार और मृणाल दीप की टीम प्रथम रही। कंचना कोसा, करुणा जैन, संध्या ठाकुर और अंजली वर्मा की टीम को दूसरा, जबकि श्रेया साहू, गरिमा साहू, ओम कुमारी और दुष्यंत साहू की टीम को तीसरा स्थान मिला। व्यक्तिगत वर्ग में स्नातक स्तर पर मृणाल दीप और स्नातकोत्तर स्तर पर आशा प्रथम रहीं। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारी, कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह और विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव डॉ. अनिल पांडे सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे।

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