नेशनल ब्यूरो,नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को अरविंद केजरीवाल द्वारा शराब नीति मामले में जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा के सामने अपनी बहस के अनधिकृत वीडियो रिकॉर्डिंग हटाने का निर्देश दिया है। Kejriwal and Justice Swarn Kanta
हाईकोर्ट के एक अधिकारी ने न्यूज वेबसाइट बार एंड बेंच को इस की पुष्टि की और बताया कि अदालती कार्यवाही की अनधिकृत रिकॉर्डिंग की अनुमति नहीं है। गौरतलब है कि 13 अप्रैल को केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की रिक्यू की मांग वाली अपनी अर्जी पर व्यक्तिगत रूप से बहस की। उन्होंने एक घंटे से अधिक समय तक बहस की, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।
हाईकोर्ट के अधिकारी ने कहा कि हमने पहले भी कदम उठाए हैं। केजरीवाल का वीडियो उन वीडियो में से एक है। पहले भी हमने कार्रवाई की है और जब भी ऐसी घटनाएं हमारे संज्ञान में आती हैं, हम उन्हें कानून प्रवर्तन एजेंसियों को कार्रवाई करने के लिए लिखते हैं।”
दिल्ली हाईकोर्ट के ऑनलाइन सुनवाई संबंधी नियमों में स्पष्ट रूप से अदालती कार्यवाही की रिकॉर्डिंग और प्रकाशन पर प्रतिबंध है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे सभी वीडियो अपलोड करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। हाईकोर्ट ने पहले भी ऐसी घटनाओं पर इसी तरह कदम उठाए हैं।









