Delhi BMW accident: कहां पहुंची जांच, पुलिस को क्‍या पता चला?

September 15, 2025 9:23 PM
Delhi BMW accident

नई दिल्ली। Delhi BMW accident: दिल्ली के व्यस्त रिंग रोड पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में वित्त मंत्रालय के उप सचिव नवजोत सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। आरोपी बीएमडब्ल्यू कार चालक गगनप्रीत कौर को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी हादसे के करीब 24 घंटे बाद हुई, जब उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया।

परिवार का आरोप है कि आरोपी ने जानबूझकर घायलों को नजदीकी अस्पताल की बजाय 19 किलोमीटर दूर एक छोटे से अस्पताल में ले जाकर नवजोत की जान बचाने का मौका गंवा दिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि चुना गया अस्पताल आरोपी के पिता से जुड़ा हुआ है, जिससे साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका बढ़ गई है। इस मामले की जांच जारी है। पुलिस ने वाहनों को जब्त कर फोरेंसिक परीक्षण शुरू कर दिया है।

नवजोत सिंह

यह हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे दिल्ली के धौला कुआं इलाके के पास मेट्रो पिलर नंबर 67 के नजदीक हुआ था। 52 वर्षीय नवजोत सिंह, जो आर्थिक मामलों के विभाग में उप सचिव के पद पर कार्यरत थे। अपनी पत्नी संदीप कौर के साथ बाइक पर बंगला साहिब गुरुद्वारे से घर लौट रहे थे।

अचानक गुरुग्राम निवासी 38 वर्षीय गगनप्रीत कौर की तेज रफ्तार नीली बीएमडब्ल्यू कार ने पीछे से उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। गगनप्रीत का पति परीक्षित मक्कड़ भी कार में सवार था और कुछ रिपोर्ट्स में उनके दो बच्चे भी होने की बात कही गई है।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि नवजोत और संदीप सड़क पर गिर पड़े, बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने मीडिया को बताया कि गिरने के बाद दंपती एक चलती बस की चपेट में आ गए, जिससे नवजोत को सिर, चेहरे और पैरों में गंभीर चोटें आईं। संदीप को भी कई फ्रैक्चर हुए, सिर में चोट लगी और 14 टांके लगे, लेकिन उन्होंने हेलमेट पहना हुआ था, जबकि नवजोत ने पगड़ी बांधी हुई थी।

टक्कर के बाद बीएमडब्ल्यू कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और पलट गई। मौके पर पहुंचे लोगों ने कार से गगनप्रीत को बाहर निकाला, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम में तीन कॉल आए और टीम मौके पर पहुंची। लेकिन तब तक आरोपी ने एक वैन चालक गुलफाम की मदद से सभी घायलों को वाहन में डालकर अस्पताल ले जाना शुरू कर दिया था।

हादसे का टर्निंग प्‍वाइंट, चौंकाने वाला खुलासा

संदीप कौर ने एफआईआर में दर्ज कराया कि उन्होंने बार-बार आरोपी से अनुरोध किया कि उन्हें नजदीकी अस्पताल जैसे एम्स या किसी सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में ले जाया जाए, जहां तुरंत इलाज मिल सके। लेकिन गगनप्रीत ने उनकी एक न सुनी और उन्हें 19 किलोमीटर दूर जीटीबी नगर स्थित न्यूलाइफ अस्पताल ले गईं।

गगनप्रीत कौर

यह अस्पताल छोटा सा है और आरोपी के पिता का इसमें स्वामित्व है या वे मालिकों में से एक से परिचित हैं। नवजोत के बेटे नवनूर सिंह ने आरोप लगाया कि यह फैसला खुद को बचाने के लिए लिया गया न कि घायलों की मदद के लिए।

अगर नजदीकी अस्पताल चुना जाता तो शायद उनके पिता की जान बच सकती थी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने नवजोत को मृत घोषित कर दिया, जबकि संदीप को बाद में परिवार ने द्वारका के वेंकटेश्वर अस्पताल में शिफ्ट करवाया।

गगनप्रीत कौर खुद भी मामूली घायल हुईं और उसी अस्पताल में भर्ती रहीं। उनके पति परीक्षित एक व्यवसायी हैं और दोनों गुरुग्राम में रहते हैं। पुलिस ने सोमवार को गगनप्रीत को गिरफ्तार कर लिया और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 281 (लापरवाही से ड्राइविंग), 125बी (दूसरों की जान खतरे में डालना), 105 (गैर-इरादतन हत्या) और 238 (साक्ष्य नष्ट करने) के तहत मामला दर्ज किया है।

जांच टीम ने दुर्घटना स्थल का फोरेंसिक परीक्षण किया और वाहनों को जब्त कर लिया। परिवार ने अस्पताल स्टाफ पर भी आरोप लगाया कि वे सहयोग नहीं कर रहे थे और आरोपी की मौजूदगी छिपाने की कोशिश कर रहे थे।

दक्षिणी पश्चिमी दिल्‍ली के एडीसीपी अभिमन्‍यु पोसवाल ने मीडिया को एफआईआर में सबूत मिटाने की धारा जोड़ी गई है। क्‍योंकि हादसे वाली जगह से दूर के अस्‍पताल में घायलों को ले जाया गया। यह फैसला सीनियर अधिकारियों और अभियोजन पक्ष से चर्चा के बाद लिया गया है।

परिवार वालों ने क्‍या कहा

नवजोत हरि नगर के निवासी थे और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। भारतीय वायुसेना से रिटायर्ड उनके पिता बलवंत सिंह ने बताया कि नवजोत को छह महीने में प्रमोशन मिलने वाला था और वे हमेशा सावधानी से बाइक चलाते थे।

नवजोत की बहन ने आरोपी को सजा देने की मांग की है, जबकि उनके पिता ने दुख जताते हुए कहा कि नवजोत हमेशा नियमों का पालन करते थे। इस हादसे ने एक बार फिर दिल्ली की सड़कों पर तेज रफ्तार और लापरवाही के मुद्दे को उजागर किया है। पुलिस का कहना है कि जांच में सभी पहलुओं को देखा जा रहा है, और आरोपी के पति का बयान भी जल्द रिकॉर्ड किया जाएगा।

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