छत्तीसगढ़ में RTE के तहत एडमिशन के हो रही देरी पर हाईकोर्ट सख्त, छुट्टी के दिन की सुनवाई

नेशनल ब्यूरोनई दिल्ली। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कक्षा 1 में राइट टू एजुकेशन (RTE) अधिनियम के तहत प्रवेश प्रक्रिया में हो रही भारी देरी की खबरों का स्वतः संज्ञान लिया है। शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है, लेकिन 16 हजार से अधिक आवेदनों की अभी तक सत्यापन नहीं हो पाया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए न्यायालय ने छुट्टी के दिन भी सुनवाई की।

यह कार्यवाही 4 अप्रैल 2026 को एक अखबार में प्रकाशित खबर के आधार पर शुरू हुई। खबर का श्रीक्षक था “शिक्षा सत्र शुरू भी हो गया, गरीब बच्चों का एडमिशन तो छोड़िए, 16 हजार आवेदनों की जांच तक नहीं हो सकी”
खबर में बताया गया कि आरटीई के तहत कक्षा 1 में प्रवेश के लिए कुल 38,438 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से केवल 23,766 लगभग 62 फीसदी का ही सत्यापन हो पाया है। पूरे राज्य में 16,000 से अधिक आवेदन लंबित हैं। कई जिलों में सत्यापन दर 10% से भी कम है।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायाधीश रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने ध्यान दिया कि लोक शिक्षा संचालनालय (DPI) ने पंजीकरण और नोडल सत्यापन के लिए 16 फरवरी से 31 मार्च तक का समय निर्धारित किया था। लेकिन समय सीमा बीत जाने के बावजूद यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई।न्यायालय ने टिप्पणी की कि नोडल प्रधानाचार्यों के स्तर पर सत्यापन की धीमी गति के कारण प्रवेश प्रक्रिया की आगे की स्टेज प्रभावित हो रही हैं।
न्यायालय ने कहा कि 13 से 17 अप्रैल के बीच लॉटरी के माध्यम से स्कूल आवंटन होना है, लेकिन अधूरे सत्यापन के कारण इसमें देरी हो सकती है, जिससे अभिभावकों को बार-बार आने-जाने का कष्ट उठाना पड़ सकता है।”खबर की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने 4 अप्रैल 2026 को ही मामले की सुनवाई कर ली, जबकि मूल रूप से यह जनहित याचिका (PIL) 8 अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थी।

न्यायालय ने इस स्थिति का स्वतः संज्ञान लिया और राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए। स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार के संयुक्त सचिव को जिन्हें पहले से हलफनामा दाखिल करने का आदेश था=अब एक अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।इस हलफनामे में प्रकाशित खबरों में उठाए गए मुद्दों का जवाब देना होगा तथा सत्यापन और प्रवेश प्रक्रिया में हो रही देरी को दूर करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का विस्तृत विवरण देना होगा।मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है।

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