रायपुर। प्रतिबंधित संगठन सीपीआई माओवादी (CPI Maoist) के बीबीएम (बलांगीर-बरगढ़-महासमुंद) डिवीजन ने एक पत्र जारी कर आत्मसमर्पण की इच्छा जताई है। यह पत्र छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा के लिए लिखा गया है।
पत्र में कहा गया है कि बदलती सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए सशस्त्र संघर्ष जारी रखने का औचित्य नहीं रह गया है और संगठन मुख्यधारा में शामिल होकर भारतीय संविधान के दायरे में काम करना चाहता है। हालांकि, आत्मसमर्पण की प्रक्रिया से पहले सरकार से सुरक्षा की सार्वजनिक गारंटी देने और पुलिस अभियानों पर अस्थायी रोक लगाने की मांग की गई है।
यह पत्र तब सामने आया जब नक्सलियों के टॉप कमांडर और महासचिव देव जी और केंद्रीय कमेटी सदस्य मल्ला राजिरेड्डी उर्फ संग्राम ने तेलंगाना में सरेंडर किया।
नक्सल संगठन की तरफ से जारी पत्र के अनुसार, संगठन ने मार्च 2-3 तक आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही है। पत्र में उल्लेख है कि कुछ सदस्य फिलहाल ओडिशा में हैं और चरणबद्ध तरीके से बाहर आ रहे हैं।
संगठन ने ओडिशा पुलिस और संबंधित जिलों में ‘कंबिंग ऑपरेशन’ रोकने की अपील भी की है ताकि आत्मसमर्पण की प्रक्रिया बाधित न हो।
पत्र में आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों को जेल भेजने और लंबित मामलों में फंसाए जाने को लेकर आशंका जताई गई है। साथ ही मीडिया में आत्मसमर्पण की घोषणा के बाद भी सुरक्षा बलों द्वारा कार्रवाई किए जाने पर सवाल उठाया गया है।
संगठन की ओर से सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिसमें सशस्त्र संघर्ष त्यागने की स्थिति में माओवादी संगठन को राजनीतिक दल के रूप में मान्यता देने पर विचार करने, माओवादियों पर दर्ज मामलों की समीक्षा और जेल में बंद कैडरों की रिहाई और संविधान के दायरे में खुले तौर पर काम करने की अनुमति मांगी है।
पत्र में यह भी दावा किया गया है कि यदि सरकार इन मुद्दों पर सकारात्मक घोषणा करती है तो जेलों में बंद अन्य माओवादी भी हिंसक विचारधारा से दूरी बना सकते हैं।
इस पत्र पर अभी तक छत्तीसगढ़ सरकार या सुरक्षा एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रस्ताव प्रामाणिक है और जमीनी स्तर पर लागू होता है, तो यह क्षेत्र में लंबे समय से जारी उग्रवाद पर प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां आमतौर पर ऐसे प्रस्तावों की सत्यता और गंभीरता की विस्तृत जांच के बाद ही कोई निर्णय लेती हैं।
इस पत्र को लेकर गृह मंत्री विजय शर्मा ने सोमवार को मीडिया से चर्चा में कहा, ‘बीबीएम डिवीजन के सदस्यों का पत्र मिला है। वे आज ही रेडियो संदेश के माध्यम से अपना जवाब भेजेंगे। आत्मसमर्पण करने वाले लोगों की सुरक्षा और पुनर्वास का पूरा ध्यान रखा जाएगा। साथ ही उनका रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत किया जाएगा।’
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