कस्टम मिलिंग घोटाले में आरोपी अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से मिली जमानत

January 13, 2026 6:57 PM

रायपुर| छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित आर्थिक घोटालों में से एक कस्टम मिलिंग घोटाले (custom milling scam) में हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रमुख आरोपी कारोबारी अनवर ढेबर और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को जमानत दे दी है। यह घोटाला 140 करोड़ रुपये से अधिक का बताया जा रहा है, जिसमें राइस मिलर्स से अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगा है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने दोनों को गिरफ्तार किया था और कोर्ट में चालान पेश किया था, लेकिन अब जमानत मिलने के बाद दोनों जेल से रिहा हो सकेंगे।

EOW की जांच के अनुसार, कस्टम मिलिंग प्रक्रिया (धान को चावल में बदलने का सरकारी काम) के दौरान राइस मिलर्स से प्रति क्विंटल 20 रुपये की दर से अवैध राशि वसूली गई। आरोप है कि अनिल टुटेजा ने छत्तीसगढ़ प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन के कुछ पदाधिकारियों के साथ मिलकर साजिश रची। मार्कफेड के जिला विपणन अधिकारियों पर दबाव डालकर मिलर्स के भुगतान बिल लंबित रखे जाते थे जिससे मिल मालिक मजबूर होकर यह रिश्वत देते थे।

जांच में यह बात सामने आई कि इस अवैध वसूली से कम से कम 20 करोड़ रुपये की रकम इकट्ठा की गई। अनवर ढेबर पर आरोप है कि उन्होंने इस राशि का संग्रहण, व्यय और निवेश किया। वे 2022-2023 के दौरान राजनीतिक रूप से काफी प्रभावशाली थे और आयकर विभाग के छापों में मिले डिजिटल सबूतों से उनका अन्य विभागों जैसे PWD और वन में भी प्रभाव होने का दावा किया गया है

।बचाव पक्ष के वकील हर्षवर्धन परघनिया ने मीडिया को बताया कि दोनों आरोपियों को कस्टम मिलिंग घोटाले में जमानत मिल गई है। वहीं, इसी दौरान शराब घोटाला मामले (जिसकी अनुमानित रकम 2000-3200 करोड़ रुपये तक बताई जाती है) में दो अन्य आरोपियों मुकेश मनचंदा और अतुल सिंह को भी हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। ये दोनों शराब कंपनियों से जुड़े हैं और कमीशन उगाही के आरोप में शामिल थे। दोनों घोटालों की जांच अभी भी जारी है और आगे की सुनवाई में कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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