रायपुर। छत्तीसगढ़ (CG News) में शिक्षक भर्ती से जुड़ा एक फर्जी विज्ञापन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे अभ्यर्थियों में काफी भ्रम फैल गया। यह फर्जी दस्तावेज छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) के नाम से जारी किया गया था।
व्यापम के परीक्षा नियंत्रक हिमांशु अग्रवाल ने इस मामले की शिकायत की है। रविवार देर रात उन्होंने रायपुर के राखी थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कराई।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 319 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह फर्जी निर्देश पत्र सहायक शिक्षक (ई एंड टी संवर्ग), शिक्षण एवं व्याख्याता भर्ती परीक्षा 2026 से जुड़ा बताया गया था। इसमें परीक्षा की तिथियां, प्रक्रिया और अन्य निर्देश दिए गए थे, जो पूरी तरह गलत और बनावटी थे। रविवार शाम करीब 8 बजे यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और मैसेजिंग ऐप्स पर वायरल होने लगा। इससे अभ्यर्थी और शिक्षा विभाग से जुड़े लोग चिंतित हो गए।
जैसे ही परीक्षा नियंत्रक हिमांशु अग्रवाल को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत कार्रवाई की। रात करीब 11:20 बजे वे खुद राखी थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में साफ कहा गया कि व्यापम या लोक शिक्षण संचालनालय ने ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया है। यह पूरी तरह फर्जी है और अभ्यर्थियों को गुमराह करने की कोशिश की गई है।उन्होंने आशंका जताई कि इससे व्यापम की साख को नुकसान पहुंचाने और अव्यवस्था फैलाने की मंशा हो सकती है।
राखी थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच में साइबर एंगल से भी छानबीन की जा रही है। फर्जी पत्र की डिजिटल ट्रेस खोजी जा रही है कि यह सबसे पहले कहां से शेयर हुआ और किसने बनाया।
पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से भी जरूरी जानकारी मांग सकती है। दोषी पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई होगी
व्यापम प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी सूचना पर बिना जांचे भरोसा न करें।
परीक्षा से जुड़ी सारी आधिकारिक जानकारी सिर्फ व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट पर ही उपलब्ध होती है। किसी भी पत्र, मैसेज या निर्देश की सत्यता पहले जरूर जांच लें। ऐसे फर्जी मामलों से अभ्यर्थियों की मेहनत और समय बर्बाद हो सकता है, इसलिए सावधानी बहुत जरूरी है।







