सूरजपुर | मोबाइल फोन की किश्त को लेकर हुए विवाद के बाद छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में 11वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा ने कथित तौर पर खुद को आग लगा ली। जलने की गंभीर हालत में मिलने के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस इस मामले में आत्महत्या की आशंका जता रही है और लड़की के प्रेमी से पूछताछ कर रही है। CG NEWS
घटना क्या है?
4 अप्रैल शनिवार सुबह करीब 9 बजे विश्रामपुर-भटगांव रोड पर पासिंग नाले के पास सड़क किनारे 17 वर्षीय छात्रा मोनिका सिंह उर्फ मोना को 95 प्रतिशत तक जली हुई हालत में मिली। वह गोरखनाथपुर गांव की रहने वाली थी और कक्षा 11वीं में पढ़ती थी।उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए पहले अंबिकापुर और फिर रायपुर के अम्बेडकर अस्पताल रेफर किया गया। रविवार 5 अप्रैल सुबह रायपुर में इलाज के दौरान मोनिका की मौत हो गई। शव को उसके गांव गोरखनाथपुर भेज दिया गया है।
झगड़े की वजह
परिजनों और प्रेमी भूपेंद्र सिंह के बयान के अनुसार, मोनिका का पिछले दो साल से रामनगर निवासी भूपेंद्र सिंह से प्रेम संबंध था। दोनों अक्सर एक-दूसरे के घर आते-जाते रहते थे। दोनों ने मिलकर किश्तों में एक नया मोबाइल खरीदा था। भूपेंद्र ने कुछ पैसे दिए थे बाकी पैसे मोनिका को जमा करने थे। जब मोनिका ने अपना हिस्सा नहीं दिया तो भूपेंद्र ने मोबाइल छीन लिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ।
शुक्रवार 3 अप्रैल की शाम मोनिका भूपेंद्र के घर गई थी और रात वहीं रुकी। शनिवार सुबह जब उसने मोबाइल वापस मांगा तो भूपेंद्र ने नहीं दिया। गुस्से में मोनिका ने कहा कि वह खुद को आग लगा लेगी। मोनिका ने पास की एक दुकान से 100 रुपये का पेट्रोल खरीदा। भूपेंद्र ने उसे पेट्रोल खरीदते देख लिया और पेट्रोल अपनी बाइक पर रख लिया। इसके बाद वह मोनिका को बाइक पर बिठाकर आईटीआई कॉलोनी के पास छोड़कर चला गया। घर से यह जगह सिर्फ 500 मीटर दूर थी। करीब आधे घंटे बाद मोनिका को सड़क किनारे गंभीर रूप से जली हुई हालत में पाया गया।
विश्रामपुर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रेमी भूपेंद्र सिंह को थाने में बुलाकर उसकी पूछताछ की जा रही है। पुलिस आत्महत्या की आशंका जता रही है लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। एडिशनल एसपी अभिषेक पैकरा के अनुसार पूरे मामले की जांच चल रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी शनिवार शाम अस्पताल पहुंची थीं और बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर करने के निर्देश दिए थे।
परिजनों ने बताया कि मोनिका पढ़ाई में अच्छी थी और परिवार की इकलौती बेटी थी। इस घटना से पूरा परिवार सदमे में है। पुलिस अब इस मामले में सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।






