रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने मेडिकल पीजी प्रवेश (CG MEDICAL PG ENTRANCE) नियमों में बड़ा संशोधन किया है। 22 जनवरी 2026 की देर शाम जारी अधिसूचना के अनुसार अब शासकीय मेडिकल कॉलेजों की राज्य कोटे की 50% पीजी सीटें संस्थागत वरीयता (Institutional Preference) के तहत राज्य के अपने मेडिकल कॉलेजों से MBBS करने वाले छात्रों को प्राथमिकता से मिलेंगी और 23 जनवरी को आये आदेश में कॉउंसलिंग से जुडी प्रक्रिया के डिटेल्स भी आ गए हैं। यह बदलाव छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बिलासपुर के हालिया स्पष्टीकरण आदेश के बाद आया है जिसमें कोर्ट ने पहले के अपने फैसले के उस हिस्से को वापस लिया जिससे सरकार को भ्रम हुआ था कि अन्य राज्यों से MBBS करने वाले छात्रों को भी राज्य कोटे में शामिल करना जरूरी है। द लेंस ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था और हर अपडेट समय समय पर दिखायी थी।
पीजी सीटों पर संस्थागत प्राथमिकता लागू
अब स्पष्ट हो गया है कि राज्य को अपने छात्रों को संस्थागत प्राथमिकता देने का पूरा अधिकार है। संशोधित नियमों के तहत सरकारी कॉलेजों की पीजी सीटों पर संस्थागत प्राथमिकता लागू होगी जबकि निजी मेडिकल कॉलेजों की 50% सीटों पर संस्थागत वरीयता और बाकी 50% पर गैर-संस्थागत (ओपन) मेरिट आधारित आवंटन होगा। इस फैसले से पहले हुई पहली और दूसरी चरण की काउंसलिंग रद्द कर दी गई है और सभी आवंटन निरस्त किए गए हैं।
आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा द्वारा 23 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि ओपन कैटेगरी में आवेदन करने वाले अभ्यर्थी केवल गैर-संस्थागत (Non-Institutional) उम्मीदवार ही पात्र होंगे। संस्थागत (Institutional) उम्मीदवार इस कैटेगरी में आवेदन नहीं कर सकेंगे। यह स्पष्टीकरण हाईकोर्ट के हालिया आदेश और संशोधित नियमों के बाद आया है, जिससे पहले और दूसरे चरण की काउंसलिंग रद्द होने के बाद नई प्रक्रिया शुरू हो रही है।
संशोधन में अब भी कमी, CGDF ने उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने इस संशोधन में कमी बताते हुए कहा कि निजी कॉलेजों की बची 50% सीटें अब पूरी तरह बाहर के छात्रों के लिए खुल गई हैं, जबकि पहले इन पर राज्य के छात्रों का हक था। उन्होंने मांग की कि हाईकोर्ट की तन्वी बहल केस के फैसले के अनुसार इन सीटों पर भी राज्य के छात्रों को जगह मिलनी चाहिए।
वहीं, छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन (CGDF) एवं जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA),CIDA (छत्तीसगढ़ इनसर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन) ने इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन कुछ बिंदुओं पर सवाल उठाए हैं। अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह लोधी ने स्वास्थ्य मंत्री और डीएमई का धन्यवाद देते हुए कहा कि छात्र हित में त्वरित फैसला अच्छा है, लेकिन सरकारी कॉलेजों की पीजी सीटों पर अभी भी AIIMS जैसे बाहर के छात्रों को अनुमति है, जो न बॉन्ड करते हैं और न मूल निवासी हैं। वहीं राज्य के छात्र 2 साल बॉन्ड और 25 लाख की प्रॉपर्टी गिरवी रखकर काउंसलिंग में हिस्सा लेते हैं। जूडो के अध्यक्ष डॉ रेशम सिंह ने चेतावनी दी कि इससे बाहर वाले ज्यादा फीस देकर सीटें ले सकते हैं और निजी कॉलेजों में फीस बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि इसमें अभी और सुधार की जरूरत है।
काउंसलिंग की नयी तारीखें जारी
छत्तीसगढ़ में मेडिकल पीजी (MD/MS) काउंसलिंग 2025 की पुरानी पहली और दूसरी चरण की प्रक्रिया अब पूरी तरह निरस्त कर दी गई है, साथ ही उन चरणों में हुए सभी सीट आवंटन भी रद्द हो गए हैं। नियमों में संशोधन और हाईकोर्ट के स्पष्टीकरण के बाद डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन (DME), रायपुर ने नई तारीखों के साथ री-काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नवीनतम अपडेट के मुताबिक, 23 जनवरी 2026 को जारी नोटिस में ऑनलाइन आवेदन और चॉइस फिलिंग की शुरुआत हो चुकी है, जबकि नई सीट मैट्रिक्स, 200 बिंदु आरक्षण रोस्टर और संशोधित नियमों के आधार पर पूरी काउंसलिंग दोबारा संचालित होगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट cgdme.admissions.nic.in पर नियमित रूप से विजिट करें, क्योंकि रजिस्ट्रेशन, चॉइस लॉकिंग, सीट अलॉटमेंट और अन्य महत्वपूर्ण तारीखों की विस्तृत जानकारी जल्द ही अलग-अलग नोटिफिकेशन के माध्यम से अपडेट की जाएगी।









