रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट (CG Cabinet) की बैठक में कई फैसलों पर मुहर लगी। इनमें सबसे बड़ा फैसला छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का रहा है। इस निर्णय से कमल विहार समेत हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलने जा रही है।
इन कॉलोनियों में खुले भू-खंड, उद्यान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं नगर निकायों के अधीन होंगी। अभी तक हस्तांतरण न होने के कारण कॉलोनीवासियों को पानी, सड़क, सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही थीं। इसके साथ ही लोगों को दोहरा आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा था—नगर निगम को संपत्ति कर और गृह निर्माण मंडल को रखरखाव शुल्क। अब नगर निगम द्वारा इन कॉलोनियों में नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और अतिरिक्त शुल्क से राहत मिलेगी।
मादक पदार्थों की रोकथाम को लेकर साय कैबिनेट ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन को मंजूरी दी है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 100 नए पदों को स्वीकृति दी गई है। यह व्यवस्था रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव और कोरबा जिलों में लागू होगी।
राज्य में आपात और आतंकी जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा अंतर्गत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के गठन हेतु 44 नए पदों की स्वीकृति दी गई है। यह विशेष प्रशिक्षित टीम किसी भी बड़ी घटना में त्वरित कार्रवाई करेगी
कैबिनेट ने राज्य के एयरपोर्ट और हवाई पट्टियों में फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTO) की स्थापना को मंजूरी दी है। निजी सहभागिता से संचालित यह संस्थान पायलट प्रशिक्षण के साथ-साथ एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग और एयरो स्पोर्ट्स को भी बढ़ावा देगा, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 को मंजूरी दी है। इससे स्टार्टअप ईकोसिस्टम, इन्क्यूबेटर्स और निवेश के अवसर बढ़ेंगे और छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख नवाचार केंद्रों में शामिल करने की दिशा में मदद मिलेगी।
नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों और निगम-मंडलों के लिए एक वृहद बहुमंजिला भवन के निर्माण का निर्णय लिया गया है, जिससे भूमि का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
सिरपुर और अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के तहत विकास कार्यों को गति देने के लिए संबंधित जिलों के कलेक्टरों को शासकीय भूमि आबंटन का अधिकार दिया गया है। भूमि का आबंटन ₹1 प्रीमियम और भू-भाटक पर किया जाएगा।
डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति लागू करने की स्वीकृति दी है। इससे आईटी लागत घटेगी, साइबर सुरक्षा मजबूत होगी और नागरिक सेवाएं 24×7 उपलब्ध रहेंगी।
प्रदेश के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मोबाइल टावर योजना को मंजूरी दी गई है। इससे ई-गवर्नेंस, स्वास्थ्य, शिक्षा, पीडीएस और आपात सेवाओं की पहुंच सुदूर क्षेत्रों तक आसान होगी।









