ज्ञान और गति के बाद संकल्प : छत्तीसगढ़ का 1 लाख 72 हजार करोड़ का बजट पेश, रायपुर में 200 बिस्तर का अस्पताल, उद्योग विभाग का बजट अब 775 करोड़, नए उद्योग खुलेंगे

CG Budget 2026

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 (CG Budget 2026) का 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया। प्रश्नकाल के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर बजट पेश करने में हुई देरी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा, ‘12:30 बजे से 12:33 हो गया, आप बजट पेश नहीं कर पा रहे हैं।‘

वित्त मंत्री ने इस बार बजट की थीम ‘SANKALP (संकल्प)’ रखी है। इससे पहले दो बजट ‘ज्ञान’ और ‘गति’ थीम पर पेश किए गए थे। संकल्प में S – समावेशी विकास, A – अधोसंरचना, N – निवेश, K – कुशल मानव संसाधन, A – अन्त्योदय, L – लाइवलीहुड और P – पॉलिसी से परिणाम तक है।

सरकार ने बस्तर और सरगुजा संभाग के विकास के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। बस्तर ओलंपिक के बाद सरगुजा ओलंपिक का आयोजन होगा। इसमें बस्तर के अंदरूनी इलाकों में बस सेवा शुरू करने के लिए 10 करोड़ रुपए। दंतेवाड़ा के बाद अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी।

कृषि, एग्रो-फॉरेस्ट प्रोसेसिंग, राइस मिल और पोल्ट्री फार्म जैसे रोजगार आधारित सेक्टर के लिए 100 करोड़ रुपए का निवेश प्रावधान किया है। दोनों के लिए 5-5 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।

किसानों को ब्याज मुक्त ऋण का प्रावधान किया गया है।

इंद्रावती क्षेत्र में मटनार और देउरगांव में 24 करोड़ रुपए की लागत से बैराज निर्माण, साथ ही 68 करोड़ रुपए की स्वीकृति की गई। बस्तर और सरगुजा में डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। दोनों संभागों को बेहतर रोड नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रावधान किया गया है।

मैनपाट और जशपुर के कोतेबेरा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। रायपुर में खाद परीक्षण प्रयोगशाला का निर्माण किया जाएगा। कांकेर, कोरबा और महासमुंद में नए नर्सिंग कॉलेज खोले जाएंगे। मेकाहारा अस्पताल में एआई तकनीक के उपयोग के लिए पहल की जाएगी। मितानिन कल्याण निधि के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान  किया गया है।

प्रदेश में 250 ‘महतारी सदन’ बनाए जाएंगे, इसके लिए 350 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। 75 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजटीय प्रावधान सामाजिक योजनाओं के लिए किया गया है।

मुख्यमंत्री सड़क योजना के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें छत्तीसगढ़ की 36 सड़कें शामिल की गई हैं।

रानी दुर्गावती योजना का ऐलान किया गया, जिसके तहत बच्चियों के 18 साल पूरे होने पर डेढ़ लाख रू की राशि दी जाएगी।

शहीद वीरनारायण सिंह आयुष्मान योजना के माध्यम से सरकार और गैर सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए 5 लाख रुपए तक की इलाज के लिए डेढ़ हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है।

नवा रायपुर-राजनांदगांव में औद्योगिक कॉप्लेक्स के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ में 23 उद्योंगों की स्थापना होगी। भिलाई में व्यवसायिक परिसर के लिए 10 करोड़ दिए जाएंगे। नवा रायपुर -राजनांदगांव में इंडस्ट्रिएल कॉप्लेक्स के लिए 10 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।

बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स के भवन का निर्माण होगा। उद्योगों के बजट में तीन गुना वृद्धि होगी। 750 करोड़ का अनुदान दिया जाएगा। खनिज ऑनलाइन 2.2 के लिए 35 करोड़, उद्योग विभाग का बजट 248 करोड़ से बढ़ाकर 775 करोड़ किया गया।

रायपुर में मेगा परीक्षा केंद्र बनेगा। रायपुर मठपुरैना दृष्टिबाधित शाला को 2 करोड़ 50 लाख और गिरौदपुरी मेले को अब 50 लाख का अनुदान मिलेगा।

रायपुर में 200 बिस्तर के अस्पताल का ऐलान किया है।

5 प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प के शोरूम खोले जाएंगे। शिल्पकारों को राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में शामिल करवाने के लिए सरकार वित्तीय सहयोग देगी।

नमक के लिए 1 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। पेंशन के लिए 1400 करोड़ का प्रावधान किया गया हे। सयानगुडी को प्रदेश भर में विकसित किया जाएगा। इसके लिए 5 हजार करोड़ दिए गए हैं।

रायपुर मठपुरैना दृष्टिबाधित शाला के लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपए दिए जाएंगे। नशा मुक्ति केंद्रों के संचालन के लिए 20 करोड़ मिलेंगे। अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए हॉस्टल-स्कूल निर्माण के लिए अनुदान दिया। OBC छात्राओं के लिए 200 सीट का छात्रावास रायपुर में बनेगा।

अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकारण के लिए 80 करोड़, भूमिहीन कृषि परिवारों के लिए 600 करोड़, कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़, मार्कफेड को 6 हजार करोड़ का प्रावधान, नेचुरल फॉर्मिंग के लिए 40 करोड़, कृषि पंपों के लिए 5500 करोड़, डेयरी समग्र विकास योजना प्रारंभ 90 करोड़ दिया गया है।

रायपुर के कालीबाड़ी में 200 बिस्तरों वाला MCH (मदर चाइल्ड हॉस्पिटल) और चिरमिरी में जिला अस्पताल के निर्माण का प्रावधान किया गया है।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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