तेल, गैस और खाद संकट पर CCS बैठक में क्‍या हुआ?   

April 1, 2026 9:58 PM
CCS meeting


नई दिल्‍ली। पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति के कारण देश में पैदा हुए ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक हुई। बुधवार को हुई इस बैठक की अध्‍यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित प्रमुख कैबिनेट मंत्री शामिल हुए। सूत्रों के हवाले से आई मीडिया खबरों के अनुसार बैठक में कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोलियम उत्पादों, बिजली और उर्वरक क्षेत्रों की उपलब्धता का आकलन किया गया। खासतौर पर खाड़ी क्षेत्र से होने वाली LPG और PNG की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

सरकार का मुख्य फोकस यह है कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद देश में जरूरी वस्तुओं की कमी न हो। बैठक में शॉर्ट, मीडियम और लॉन्ग टर्म रणनीतियों पर विचार हुआ, जिसमें उर्वरकों की खरीफ सीजन के लिए जरूरतों को पूरा करने के वैकल्पिक स्रोत तलाशने और आयात स्रोतों में विविधता लाने की बात शामिल रही। साथ ही कृषि, खाद्य सुरक्षा, एमएसएमई, व्यापार और शिपिंग जैसे क्षेत्रों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की भी समीक्षा की गई।

CCS बैठक के बाद आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCEA) की बैठक भी हुई, जिसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा सहित अन्य मंत्री शामिल हुए। इस बैठक का उद्देश्य युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और सप्लाई चेन पर पड़ने वाले असर का विश्लेषण करना था। सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता से निपटने के लिए घरेलू स्तर पर पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी कर रही है।

बैठक में नौसेना और वायुसेना की तैयारियों पर भी चर्चा हुई ताकि किसी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बदलती परिस्थितियों पर सतर्क नजर रखें और केंद्र-राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखें।

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