नेशनल ब्यूरो
नई दिल्ली। भाजपा (BJP) नेता प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा का मोबाइल हैक हो गया है और उस मोबाइल से व्हाट्सएप के माध्यम से पैसे मांगे जा रहे हैं। द लेंस के जर्नलिस्ट आवेश तिवारी के पास आज दोपहर में संबित पात्रा के ऑफिशियल नंबर से मैसेज आया और 45 हजार रुपए की मांग की गई बदले में उन्हें QR कोड भेजा गया। इस पूरी बातचीत का स्क्रीन शॉट हम नीचे लगा रहे हैं।
क्या कहा संबित पात्रा ने
इस संबंध में जब सांसद संबित पात्रा से बात की गई तो उन्होंने द लेंस से कहा कि हम साइबर सेल में बैठे हैं। टेलिकम्युनिकेशन मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव जी को पूरे मामले की जानकारी दे दी है जल्द ही इस मामले का खुलासा होगा कि किसने मेरा फोन हैक किया है।
देश में तेजी से बढ़ रही फोन हैकिंग
भारत में WhatsApp के माध्यम से फोन हैकिंग, ब्लैकमेलिंग और पैसे वसूली की घटनाएं बेहद तेजी से बढ़ी हैं। गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, देश में सालाना 22 लाख से अधिक साइबर अपराध के मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा वित्तीय धोखाधड़ी और WhatsApp से जुड़ा है। अकेले WhatsApp पर बढ़ते फ्रॉड को देखते हुए सरकार ने हाल ही में 83,000 से अधिक संदिग्ध WhatsApp खातों को ब्लॉक किया है।
व्हाट्सएप से कैसे होती है वसूली
WhatsApp के जरिए वसूली की घटनाएं मुख्य रूप से तीन तरीकों से होती हैं:
- डिजिटल अरेस्ट और जबरन वसूली: धोखाधड़ी करने वाले खुद को पुलिस, सीबीआई (CBI) या प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी बताकर पीड़ितों को वीडियो कॉल करते हैं और केस में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये वसूलते हैं।
- सेक्सटॉर्शन अनजान नंबरों से वीडियो कॉल कर अश्लील रिकॉर्डिंग बना ली जाती है, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जाता है।
- अकाउंट हैकिंग और फेक इन्वेस्टमेंट: स्क्रीन शेयरिंग या कॉल फॉरवर्डिंग ट्रिक्स से WhatsApp हैक कर रिश्तेदारों से पैसे मांगे जाते हैं।
एक साल में 7 हजार करोड़ का नुकसान
आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक, इन ऑनलाइन फ्रॉड्स के कारण नागरिकों को सालाना 7,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो रहा है। आम जनता को सतर्क रहने और टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखने की सलाह दी जाती है।









