‘यहां तक ​​कि गली की बिल्लियां भी भाग गईं’ बेरूत पर इजरायल के सबसे घातक हमले का आंखों देखा हाल

April 9, 2026 1:09 PM

नेशनल ब्यूरो,नई दिल्ली । इमवालिद अपने सेंट्रल बेरूत स्थित कपड़ों की दुकान में थीं, तभी विस्फोटों की आवाज गूंजी। वो कहती हैं “बाहर की गली के बिल्लियाँ भी भागने लगीं इजरायल ने कई वर्षों में लेबनान पर सबसे भारी और सबसे घातक हवाई हमले किए।”

Attack on Beirut : बेरूत, उसके उपनगरों, दक्षिण लेबनान और पूर्वी बेकां घाटी पर दर्जनों हमलों में कम से कम 254 लोग मारे गए और 1,160 से अधिक घायल हुए हैं। मलबे से और शव निकलने की आशंका है, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।

मौके का फायदा उठाना चाहते हैं नेतन्याहू

ये हमले पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए अमेरिका-ईरान युद्धविराम लागू होने के कुछ घंटे बाद हुए। शुरू में लेबनान के इस दो सप्ताह के युद्धविराम में शामिल होने को लेकर भ्रम था। पाकिस्तान और ईरान का कहना था कि लेबनान भी समझौते का हिस्सा है।हालांकि इजरायल और अमेरिका ने इसे अलग बताया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से कहा कि लेबनान एक अलग झड़प है, जबकि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि युद्धविराम लेबनान को शामिल नहीं करता।

‘युद्धविराम ईरान को रोके जाने की साजिश!’

न्यू लाइन्स इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजी एंड पॉलिसी की सीनियर एनालिस्ट दानिया अरायसी ने अल जजीरा से कहा कि नेतन्याहू इस स्थिति का फायदा उठाकर लेबनान में अपने सैन्य लक्ष्यों को अधिकतम हासिल करना चाहते हैं,उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि अमेरिका-ईरान सौदा ईरानी प्रॉक्सी पर युद्ध रोकने का भी हो सकता है, जो लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल की जंग को बहुत जटिल बना देगा।

दो साल में दूसरी बार लेबनान पर हमला

इजरायल ने दो साल से भी कम समय में दूसरी बार लेबनान पर युद्ध तेज कर दिया, जब लेबनानी समूह हिजबुल्लाह ने रॉकेट दागे। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच 27 नवंबर 2024 से कथित युद्धविराम था, लेकिन इजरायल लगभग रोज हमले करता रहा, जिसमें सैकड़ों लेबनानी मारे गए।ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने 2 मार्च के अपने हमले को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या का जवाब बताया।

अब तक 1700 की शहादत 12 लाख का विस्थापन

तब से इजरायल के लगातार बमबारी और जमीनी हमलों में लेबनान में करीब 1,700 लोग मारे गए और 12 लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए। हिजबुल्लाह ने एक बयान में कहा कि उसके पास हमलों का “जवाब देने का अधिकार” है। उसने कहा, “शहीदों और घायलों का खून व्यर्थ नहीं जाएगा। आज के नरसंहार और सभी आक्रामकता तथा क्रूर अपराध हमारे कब्जे का विरोध करने और आक्रामकता का जवाब देने के हमारे प्राकृतिक और कानूनी अधिकार की पुष्टि करते हैं।”

बिना चेतावनी हुए हमले

हमलों की इस लहर के दौरान कुछ विस्थापित लोग दक्षिण में अपने घर लौटने की कोशिश कर रहे थे, क्योंकि युद्धविराम में लेबनान की भूमिका को लेकर भ्रम था। हमले पूरे देश में हुए, जिनमें बेरूत के उन इलाकों में भी शामिल थे जो पिछले एक महीने और 2024 में बचे हुए थे।पहले राउंड में 10 मिनट से भी कम समय में दर्जनों हमले हुए। इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने 100 से अधिक हिजबुल्लाह मुख्यालय और सैन्य ठिकानों पर हमला किया, हालांकि कई हमले घनी आबादी वाले आवासीय इलाकों में हुए।कोई चेतावनी नहीं दी गई। अस्पतालों में भारी संख्या में घायलों के कारण खून की अपील की गई।

खून देने वालों का लगा तांता

बेरूत के हमरा इलाके में अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ बेरूत मेडिकल सेंटर में दर्जनों लोगों ने खून देने के लिए पहुंचे। उनमें एक 20 वर्षीय दर्शनशास्त्र का छात्र भी था। उसका परिवार मार्च की शुरुआत में हमलों के बाद दक्षिणी बेरूत के दाहिये से भागकर बस्ता इलाके में शरण ले रहा था।वह हमले के समय विश्वविद्यालय में था, जो अस्पताल के पास है।“मैंने कई विस्फोट सुने,” छात्र ने कहा। “उनकी संख्या बहुत ज्यादा थी।”छात्र ने बताया कि उसने ऊपर देखा तो शहर के कई हिस्सों में धुआं उठता दिखा। पूरे देश में हमलों की खबरें आने लगीं। उसकी खाला के इलाके अले में भी हमला हुआ था। खाला सुरक्षित थीं, लेकिन पड़ोसी की मौत हो गई।

बेहद डरा देने वाली स्थिति

मनारा इलाके में, बेरूत के समुद्र तट के पास, नजीब मेरहे सिगरेट पीते हुए पड़ोसियों से बात कर रहे थे। इजरायली हमले में उनके रेस्तरां हानी के ऊपर कुछ मंजिलों पर एक अपार्टमेंट पूरी तरह तबाह हो गया।हमला होने के समय वे वहां नहीं थे, लेकिन उनका बेटा था। मेरहे ने कहा “ऐसी स्थिति कोई भी बर्दाश्त नहीं कर सकता और न ही झेल सकता है।”सड़क के पार उनके रेस्तरां का शीशे का फासाद टूट गया था। छत से लाइटें लटक रही थीं। लोग सड़क पर शीशे साफ कर रहे थे और समुद्र तट पर घूमते बुजुर्ग उस दीवार में बने छेद को देख रहे थे, जहां कुछ घंटे पहले अपार्टमेंट था।

रिहायशी इलाकों पर निशाना

सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया था और राहगीरों को सावधान किया कि पड़ोस की इमारत से गिरते शीशे से बचें।यह हमलों में से एक छोटा हमला था, जिसमें एक खास अपार्टमेंट को निशाना बनाया गया। शहर के अन्य हिस्सों में इजरायल ने पूरी इमारतें गिरा दीं।मनारा में आगे सड़क पर बेरूत की सिविल डिफेंस टीम का एक पसीने से तर सदस्य अपनी इमरजेंसी वाहन में बैठा था। ‘मैंने ‘वूूूू’ की आवाज सुनी और फिर हर तरफ हमले,’ उसने कहा और जोड़ा कि उसने पहले कभी ऐसा नहीं देखा।जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, लोगों को डर था कि इजरायल का हमला अभी खत्म नहीं हुआ है। टीवी पर दिए बयान में नेतन्याहू ने कहा कि हिजबुल्लाह और इसलिए लेबनान के खिलाफ उनके सैन्य अभियान जारी रहेंगे।

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