सीएम पिता के बाद अब उदयनिधि स्टालिन ने कहा- ‘जल्द बच्चे पैदा करें, नाम तमिल में रखें

March 12, 2025 7:43 PM

चेन्नई | तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने राज्य के लोगों से जल्द से जल्द बच्चे पैदा करने और उनके नाम तमिल में रखने की अपील की है। चेन्नई में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद उदयनिधि ने कहा, “हमने राज्य की जनसंख्या को नियंत्रित किया, लेकिन अब यह हमारे लिए समस्या बन रही है। मैं नवविवाहित जोड़ों से अनुरोध करता हूं कि वे जल्द बच्चे पैदा करें। अगर परिसीमन हुआ तो हम लोकसभा में आठ सीटें खो देंगे, जबकि उत्तरी राज्यों को 100 से ज्यादा सीटें मिलेंगी।”

एमके स्टालिन पहले ही इसी तरह का दे चुके हैं बयान

इससे पहले, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी इसी तरह का बयान दिया था। 3 मार्च 2025 को नागपट्टिनम जिले में एक पार्टी सचिव की शादी की सालगिरह समारोह में शामिल होने के बाद स्टालिन ने कहा, “पहले हम कहते थे कि आराम से बच्चे पैदा करो, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। अब तुरंत बच्चे पैदा करने की जरूरत है।” स्टालिन का यह बयान परिसीमन के संभावित प्रभावों को लेकर था, जिससे दक्षिणी राज्यों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

परिसीमन पर अन्य राज्यों से समर्थन

परिसीमन के मुद्दे पर स्टालिन ने अन्य राज्यों का समर्थन जुटाने की कोशिश की है। 7 मार्च 2025 को उन्होंने सात राज्यों – केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पंजाब के मौजूदा और पूर्व के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा था । इसमें उन्होंने 22 मार्च को चेन्नई में प्रस्तावित जॉइंट एक्शन कमेटी की पहली बैठक में अपने प्रतिनिधि भेजने का अनुरोध किया। उनका कहना है कि परिसीमन से जनसंख्या नियंत्रण करने वाले राज्यों का प्रतिनिधित्व कम होगा, जो संघीय ढांचे के खिलाफ है।

सर्वदलीय बैठक और JAC का गठन

5 मार्च को स्टालिन ने तमिलनाडु में परिसीमन और ट्राई-लैंग्वेज पॉलिसी के विरोध में एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इस बैठक में JAC जॉइंट एक्शन कमेटी बनाने का फैसला लिया गया, ताकि इन मुद्दों पर साझा रणनीति तैयार की जा सके। बैठक में स्टालिन ने मांग की कि अगर संसद में सीटें बढ़ाई जाती हैं, तो 1971 की जनगणना को आधार बनाया जाए। साथ ही, 2026 के बाद अगले 30 साल तक लोकसभा सीटों की सीमा निर्धारण में भी इसी जनगणना को मानक माना जाए। इस बैठक में AIADMK, कांग्रेस, वाम दल समेत कई दलों ने हिस्सा लिया। हालांकि, भाजपा, नाइक्कल तमिल कझगम (NTK) और पूर्व केंद्रीय मंत्री जीके वासन की तमिल माणिला कांग्रेस ने बैठक का बहिष्कार किया।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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