छत्तीसगढ़ में डॉक्टरों की लंबित मांगों पर स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा, 28 अक्टूबर से पहले आदेश जारी करने का आश्वासन

रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में बॉन्ड डॉक्टरों के वेतन, प्री-पीजी परीक्षा की शर्तों और स्वास्थ्य विभाग के प्रशासनिक पदों पर नियुक्तियों को लेकर सोमवार, 26 अक्टूबर को स्वास्थ्य मंत्री के साथ तीन चिकित्सक संगठनों की संयुक्त बैठक हुई। इसमें जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA), छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन (CGDF) और छत्तीसगढ़ इन-सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन (CIDA) के प्रतिनिधि शामिल हुए। संगठनों के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सकीय संवर्ग के पदों से जुड़े मामले में 28 अक्टूबर को हाईकोर्ट में होने वाली अंतिम सुनवाई से पहले अनुकूल आदेश जारी करने का प्रयास करने का आश्वासन दिया है।

बॉन्ड डॉक्टरों का वेतन बढ़ाने और मॉर्गेज की शर्त हटाने की मांग

बैठक में संगठनों ने यूजी और पीजी बॉन्ड डॉक्टरों के वेतन में बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया। साथ ही प्री-पीजी परीक्षा में शामिल होने के लिए लागू मॉर्गेज की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि दोनों मामलों में प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने प्रतिनिधियों को वित्त और विधि विभाग के सामने अपना पक्ष रखने तथा लगातार संपर्क बनाए रखने की सलाह दी, ताकि लंबित मामलों पर जल्द निर्णय हो सके।

प्रशासनिक पदों पर डॉक्टरों की नियुक्ति को लेकर विवाद

चिकित्सक संगठनों ने स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय (DHS) और चिकित्सा शिक्षा संचालनालय (DME) में संचालक, अपर संचालक और संयुक्त संचालक सहित चिकित्सकीय संवर्ग के लिए निर्धारित पदों पर पात्र डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग की। उनका कहना है कि इन पदों पर भर्ती नियमों, वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर नियुक्तियां होनी चाहिए। संगठनों ने गैर-चिकित्सकीय अधिकारियों की पदस्थापना से जुड़े विवाद का समाधान करने और डॉक्टरों के पदोन्नति संबंधी अधिकार सुरक्षित रखने की बात भी रखी।

28 अक्टूबर को हाईकोर्ट में अंतिम सुनवाई

इन पदस्थापनाओं से जुड़ा मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में विचाराधीन है। चिकित्सक संगठनों के अनुसार, इसकी अंतिम सुनवाई 28 अक्टूबर को निर्धारित है। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने इससे पहले शासन स्तर पर चिकित्सकीय संवर्ग के हित में निर्णय लेने का प्रयास करने की बात कही। हालांकि, अभी कोई अंतिम आदेश जारी होने की पुष्टि नहीं हुई है।

तीनों संगठनों ने मंत्री के आश्वासन का स्वागत किया, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि मांगों का समाधान केवल आश्वासन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने समयबद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए डॉक्टरों की वरिष्ठता, पदोन्नति और सेवा संबंधी अधिकारों के लिए संयुक्त प्रयास जारी रखने की बात कही।

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