रायपुर। थाने की चौखट से सोशल मीडिया की स्क्रीन तक पहुंची पुलिसिंग का दायरा अब सिर्फ अपराध की सूचना देने या कार्रवाई की जानकारी साझा करने तक सीमित नहीं है। रायपुर कमिश्नरेट ने नौ महीने में फेसबुक और इंस्टाग्राम पर 3,819 पोस्ट प्रकाशित कीं, 15.61 करोड़ व्यूज दर्ज किए और नागरिकों की 21,729 टिप्पणियों का विश्लेषण किया। इस डिजिटल संवाद में कहीं वायरल वीडियो पुलिस कार्रवाई का आधार बने, कहीं महिला सुरक्षा और साइबर अपराध के प्रति जागरूकता के प्रयास हुए, तो कहीं अधिकारियों ने लाइव आकर लोगों के सवालों के जवाब दिए। लेकिन इन्हीं टिप्पणियों में यातायात और जाम जैसी रोजमर्रा की समस्याएं प्रमुखता से सामने आईं। आंकड़े बताते हैं कि रायपुर में सोशल पुलिसिंग का दायरा बढ़ा है, लेकिन लोगों की प्रतिक्रियाओं को देख कर प्रेक्षक कहते हैं कि असली परीक्षा इस बात में है कि पुलिस शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को कितना सम्भाल पाती है !
कमिश्नरेट की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी से अक्टूबर 2026 के बीच फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पुलिस के पोस्ट को कुल 15.61 करोड़ व्यूज मिले। इस दौरान 3,819 पोस्ट प्रकाशित की गईं और सोशल मीडिया पर आई 21,729 टिप्पणियों का विश्लेषण किया गया।
रिपोर्ट में वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध के प्रति जागरूकता, नशामुक्ति और अधिकारियों के साथ सीधे संवाद जैसे प्रयासों का उल्लेख है। पुलिस ने इन पहलों को नागरिकों के साथ संवाद बढ़ाने और शिकायतों पर कार्रवाई करने की दिशा में उठाए गए कदमों के रूप में पेश किया है।
नौ महीने में 15.61 करोड़ व्यूज, इंस्टाग्राम पर ज्यादा पहुंच
रायपुर कमिश्नरेट की रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी से अक्टूबर 2026 के बीच फेसबुक पर 6.77 करोड़ और इंस्टाग्राम पर 8.84 करोड़ व्यूज दर्ज किए गए। दोनों प्लेटफॉर्म पर कुल व्यूज 15.61 करोड़ रहे। इस अवधि में पुलिस ने 3,819 पोस्ट प्रकाशित कीं। इनमें 270 पोस्ट को एक लाख से ज्यादा और आठ पोस्ट को 10 लाख से ज्यादा व्यूज मिले। रिपोर्ट के मुताबिक, एक पोस्ट पर औसतन 40,866 व्यूज दर्ज किए गए। आंकड़ों में इंस्टाग्राम की पहुंच फेसबुक से अधिक रही। इससे पता चलता है कि पुलिस के डिजिटल संवाद में इंस्टाग्राम की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
फॉलोअर्स बढ़े, लेकिन क्या इससे जनता का भरोसा भी बढ़ा?
रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच रायपुर कमिश्नरेट के फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुल 76,223 नए फॉलोअर्स जुड़े। फेसबुक पर फॉलोअर्स की संख्या जनवरी के 1,22,629 से बढ़कर अक्टूबर में 1,65,199 हो गई। वहीं, इंस्टाग्राम पर यह संख्या 91,414 से बढ़कर 1,25,067 पहुंच गई। अक्टूबर तक दोनों प्लेटफॉर्म पर कुल 2,90,266 फॉलोअर्स दर्ज किए गए। कमिश्नरेट ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक पहचान को एक जैसा रखने और नागरिकों को सही अकाउंट तक पहुंचाने की कोशिश भी की है।
21,729 टिप्पणियों में यातायात से जुड़ी शिकायतें सबसे आगे
सोशल पुलिसिंग की उपयोगिता का आकलन करने के लिए नागरिकों की टिप्पणियां और शिकायतें महत्वपूर्ण हैं। रायपुर कमिश्नरेट की रिपोर्ट में फरवरी से अक्टूबर 2026 के बीच 21,729 टिप्पणियों के विश्लेषण का उल्लेख है। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें 71.20 प्रतिशत टिप्पणियों को सकारात्मक, 14.28 प्रतिशत को नकारात्मक और 14.52 प्रतिशत को तटस्थ श्रेणी में रखा गया। रिपोर्ट में सकारात्मक टिप्पणियों के अनुपात में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फरवरी में यह आंकड़ा 64.60 प्रतिशत था, जबकि अक्टूबर में 71.20 प्रतिशत बताया गया है।
रिपोर्ट में नागरिकों की टिप्पणियों से सामने आए प्रमुख मुद्दों का भी विवरण दिया गया है। इनमें यातायात से जुड़ी समस्याएं सबसे ऊपर रहीं।
- यातायात संबंधी टिप्पणियां : 19.88 प्रतिशत
- नशे से संबंधित टिप्पणियां : 13.48 प्रतिशत
- पुलिस गश्त से संबंधित टिप्पणियां : 9.93 प्रतिशत
- अतिक्रमण से जुड़ी टिप्पणियां : 7.80 प्रतिशत
- ट्रैफिक जाम से संबंधित टिप्पणियां : 7.80 प्रतिशत
- अपराध नियंत्रण से जुड़ी टिप्पणियां : 6.38 प्रतिशत
रिपोर्ट के अनुसार, यातायात और ट्रैफिक जाम से संबंधित टिप्पणियों को मिलाकर इनका हिस्सा 27.68 प्रतिशत है।
किन इलाकों में यातायात की समस्या का जिक्र हुआ?
रिपोर्ट में सोशल मीडिया पर मिली टिप्पणियों के आधार पर यातायात बाधित होने वाले लगभग 20 स्थानों की सूची तैयार करने का उल्लेख है। इनमें ट्रांसपोर्ट नगर-टाटीबंध, महादेव घाट, पचपेड़ी नाका, तेलीबांधा, कटोरा तालाब, रिंग रोड-1, रिंग रोड-2, लालपुर, मौदहापारा, सड्डू, आमापारा, गुढ़ियारी, भाठागांव, पुरानी बस्ती, सरोना, पंडरी, मोवा, कालीबाड़ी चौक, शास्त्री चौक और स्टेशन रोड शामिल हैं।
वायरल वीडियो पर कार्रवाई: पुलिस की रिपोर्ट में पांच उदाहरण
रायपुर कमिश्नरेट ने सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और सूचनाओं के आधार पर की गई कार्रवाई के कई उदाहरण दिए हैं। रिपोर्ट में इन मामलों को पुलिस की सक्रिय निगरानी और सूचना मिलने के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया के उदाहरण के रूप में पेश किया गया है।
तेलीबांधा में मारपीट का मामला: रिपोर्ट के मुताबिक, 26 फरवरी की रात मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने संज्ञान लिया। मामले में सात आरोपियों की गिरफ्तारी का उल्लेख है।
गुढ़ियारी में राहगीरों पर पानी के गुब्बारे फेंकने का मामला: 2 और 3 मार्च को सामने आए वीडियो के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। रिपोर्ट में अपराध क्रमांक 100/26 दर्ज करने और कार जब्त करने की जानकारी दी गई है।
होली पर रंगदारी की सूचना: सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रंगदारी की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में तीन आरोपियों को पकड़ा गया।
आजाद चौक क्षेत्र में गंडासा लहराने का वीडियो: 10 फरवरी को सामने आए वीडियो के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। रिपोर्ट में आरोपी की गिरफ्तारी और आर्म्स एक्ट के तहत अपराध क्रमांक 34/26 दर्ज किए जाने का उल्लेख है।
यातायात नियमों के उल्लंघन के मामले: रिपोर्ट में भनपुरी क्षेत्र में दोपहिया वाहन पर तीन बच्चों को बैठाकर तेज रफ्तार से चलाने के मामले में कार्रवाई का जिक्र है। एक अन्य मामले में बाइक पर चार युवकों के स्टंट करने की तस्वीर के आधार पर यातायात पुलिस ने चालक को बुलाया और 4,500 रुपये का चालान किया।
हर रविवार LIVE: अधिकारियों से सीधे सवाल पूछने की पहल
रायपुर कमिश्नरेट ने रविवार को अधिकारियों के साथ LIVE कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य नागरिकों को पुलिस अधिकारियों से सीधे सवाल पूछने और अलग-अलग विषयों पर जानकारी प्राप्त करने का अवसर देना है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पहला LIVE कार्यक्रम 12 अप्रैल 2026 को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के साथ आयोजित किया गया था। इसके बाद अलग-अलग जोन के पुलिस उपायुक्तों और अन्य अधिकारियों ने भी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। 12 अप्रैल से 18 अक्टूबर के बीच आयोजित LIVE कार्यक्रमों की रिकॉर्डिंग को मिलाकर 6.59 लाख से अधिक व्यूज मिलने की जानकारी भी रिपोर्ट में दी गई है।
महिला सुरक्षा के लिए पिंक पेट्रोल यूनिट
कमिश्नरेट की रिपोर्ट में महिला सुरक्षा के लिए शुरू की गई पिंक पेट्रोल यूनिट का भी उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार, 8 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इस यूनिट की शुरुआत की गई थी। इसमें तीन टीमें बनाई गईं और कुल 27 अधिकारी-कर्मचारी शामिल किए गए। रिपोर्ट में बताया गया है कि यूनिट दो शिफ्ट में काम करती है। पहली शिफ्ट सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक और दूसरी दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक निर्धारित है।
छेड़छाड़ और पीछा करने जैसी घटनाओं की सूचना देने के लिए रिपोर्ट में 94792-10932 व्हाट्सएप हेल्पलाइन का उल्लेख है। नवरात्रि के दौरान गरबा पंडालों में पिंक पेट्रोल की तैनाती की जानकारी भी दी गई है।
साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता अभियान
साइबर धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए रायपुर कमिश्नरेट ने सोशल मीडिया और प्रत्यक्ष कार्यक्रमों का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 के बीच चलाए गए साइबर जागृति अभियान का उल्लेख है। इसके तहत स्कूलों और अन्य स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, 17 अगस्त को सेंट्रल जोन के एक कार्यक्रम में करीब 1,000 छात्र शामिल हुए। 18 अगस्त को नॉर्थ जोन के कार्यक्रम में 1,600 लोगों की भागीदारी बताई गई, जबकि 22 अगस्त को आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में 800 विद्यार्थी और शिक्षक शामिल हुए। 14 सितंबर को साइबर संकल्प कार्यक्रम में 500 छात्रों की भागीदारी का उल्लेख है। रिपोर्ट में 15 सितंबर को नॉर्थ जोन में 31 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
पुलिस ने ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायतों के लिए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 का प्रचार भी किया।
नशामुक्ति और बच्चों के सुधार पर भी जोर
कमिश्नरेट ने नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया संदेशों और LIVE कार्यक्रमों का इस्तेमाल किया। 4 अक्टूबर को आयोजित एक कार्यक्रम में युवाओं में नशे की लत के कारणों, प्रभावों और समाधान पर चर्चा की गई। रिपोर्ट में 18 अक्टूबर को ड्रग फ्री इंडिया राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली को रायपुर से रवाना किए जाने का भी उल्लेख है।
इसके अलावा, 16 मई 2026 को नवोदय कार्यक्रम शुरू किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, यह रायपुर पुलिस कमिश्नरेट, UNICEF और Counsel to Secure Justice की साझेदारी में चलाया जा रहा है।
सोशल पुलिसिंग की सफलता कैसे मापी जानी चाहिए?
रायपुर कमिश्नरेट की रिपोर्ट में सोशल मीडिया की पहुंच, नागरिकों की टिप्पणियों, जागरूकता कार्यक्रमों और पुलिस कार्रवाई के कई उदाहरण दर्ज हैं। इनसे पता चलता है कि डिजिटल माध्यमों को पुलिस और नागरिकों के बीच संवाद का हिस्सा बनाया गया है।








